रुड़की। उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता और राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर आशीष सैनी ने राज्यपाल को पत्र लिखकर शैक्षणिक सत्र के मध्य में हो रहे बिना कारण स्थानांतरणों पर रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने इसे भ्रष्टाचार से जुड़ा “स्थानांतरण उद्योग” करार देते हुए आरोप लगाया कि प्रदेश में सरकार और कुछ वरिष्ठ अधिकारियों की मिलीभगत से ट्रांसफर पोस्टिंग का अवैध कारोबार फल-फूल रहा है।
आशीष सैनी ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि राज्य में विधानसभा और मंत्रियों के इशारे पर सचिवालय के कई सचिव एवं उच्चाधिकारी सरकारी विभागों और संस्थाओं में मनमाने तरीके से स्थानांतरण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन स्थानांतरणों से न केवल शैक्षणिक सत्र प्रभावित हो रहा है बल्कि सरकारी कार्यों की निरंतरता भी बाधित हो रही है।
सैनी ने लिखा कि सचिवालय में बैठे कुछ अपर सचिव और वरिष्ठ अधिकारी अपने व्यक्तिगत लाभ के लिए भ्रष्टाचार कर रहे हैं तथा बिना किसी प्रशासनिक कारण के तबादले कर रहे हैं, जिससे शासन-प्रशासन में पारदर्शिता समाप्त होती जा रही है।
उन्होंने राज्यपाल से अनुरोध किया है कि सरकार के सभी विभागों, निगमों और संस्थाओं में बिना कारण स्थानांतरण पर तत्काल रोक लगाई जाए। साथ ही उन्होंने एक विशेष जांच दल (एस.आई.टी.) के गठन की मांग की है, जो उन अधिकारियों और नेताओं की सूची तैयार करे जो ट्रांसफर को उद्योग बनाकर भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे हैं।
आशीष सैनी ने कहा कि यह कदम राज्य में सुशासन की दिशा में एक मजबूत पहल होगा और इससे ईमानदार कर्मचारियों को संरक्षण मिलेगा।


