रुड़की/हरियाणा। सोनी रोड़।
कहते हैं, “उम्र छोटी हो सकती है, पर सपनों की उड़ान नहीं।” यह बात हरियाणा के रोड समाज की नन्ही बालिका सिएना चोपड़ा पर बिल्कुल सटीक बैठती है। मात्र 8 वर्ष की उम्र में सियाणा ने अपनी मेहनत, अनुशासन और जज़्बे के बल पर वह मुकाम हासिल किया है, जहाँ तक पहुँचने का सपना बड़े खिलाड़ी भी देखते हैं।
सुबह 4 बजे उठकर करती है अभ्यास
सिएना, जो हरियाणा निवासी प्रदीप चोपड़ा की बेटी है, बचपन से ही टेनिस खेल के प्रति गहरा रुझान रखती है। जहाँ आज के बच्चे मोबाइल और टीवी में उलझे रहते हैं, वहीं सियाणा हर दिन सुबह 4 बजे उठकर मैदान में अभ्यास करती है। उसकी दिनचर्या में अनुशासन, फिटनेस और खेल के प्रति समर्पण साफ झलकता है।
1119 स्ट्रोक्स से बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड
सिएना ने हाल ही में मात्र 37 मिनट 30 सेकंड में 1119 टेनिस स्ट्रोक्स लगाकर वर्ल्ड रिकॉर्ड बना दिया। यह उपलब्धि न सिर्फ उसके परिश्रम का प्रमाण है, बल्कि देश के लिए गौरव का विषय भी है। पिता की प्रेरणा और कोच के मार्गदर्शन में सियाणा ने यह रिकॉर्ड कायम किया और खेल जगत में अपनी अलग पहचान बनाई।
खेल जगत के दिग्गजों ने की सराहना
सिएना के इस असाधारण प्रदर्शन की चर्चा पूरे देश में हो रही है। भारतीय कुश्ती जगत के सुपरस्टार ग्रेट खली ने मंच से उसका परिचय कराते हुए कहा, “ऐसी बच्चियाँ भारत का गर्व हैं।” वहीं ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा ने सियाणा को “नई पीढ़ी की प्रेरणा” बताया। हरियाणा के कमिश्नर मनदीप सिंह ने भी उसे सम्मानित करते हुए कहा, “अगर ऐसी बेटियाँ मैदान में उतरेंगी, तो भारत का भविष्य स्वर्णिम होगा।”
पर्वतारोहण में भी दिखाया साहस
सिएना की प्रतिभा सिर्फ मैदान तक सीमित नहीं है। उसने तंजानिया की ऊँची पर्वत चोटियों पर भी चढ़ाई कर अपने साहस और आत्मविश्वास का परिचय दिया। यह नन्ही खिलाड़ी जहाँ भी जाती है, अपने जुनून से हर किसी को प्रेरित कर जाती है।
संघर्ष और सपनों की मिसाल
सिएना चोपड़ा की कहानी बताती है कि जब लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची, तो उम्र कभी बाधा नहीं बनती। वह रोड समाज की नई पहचान है — एक ऐसी पीढ़ी की प्रतीक, जो अपने सपनों को कर्म में बदल रही है।


