रुड़की। सोनी रोड।उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय (यूओयू) के कुलपति प्रो. नवीन चंद्र लोहनी ने शनिवार को रुड़की स्थित मोहिनीदेवी डिग्री कॉलेज के अध्ययन केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अध्ययन केंद्र में संचालित शैक्षणिक गतिविधियों, विद्यार्थियों को उपलब्ध सुविधाओं और केंद्र की कार्यप्रणाली की जानकारी ली। कॉलेज प्रशासन की ओर से कुलपति का स्वागत किया गया तथा उन्हें स्मृतिचिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। कुलपति ने परिसर में पौधरोपण भी किया।

पत्रकारों से बातचीत में प्रो. नवीन चंद्र लोहनी ने कहा कि उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय का उद्देश्य दूरस्थ एवं मुक्त शिक्षा के माध्यम से अधिक से अधिक विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा उपलब्ध कराना है। अब उत्तराखंड के अलावा देश के विभिन्न राज्यों और पड़ोसी देश नेपाल के विद्यार्थी भी विश्वविद्यालय में प्रवेश लेकर उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं।

उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय के आठ क्षेत्रीय केंद्र और 145 अध्ययन केंद्र संचालित हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप पाठ्यक्रमों को तैयार और अद्यतन किया जा रहा है। इसके साथ ही शोध, नवाचार और आधुनिक शिक्षण पद्धतियों पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
कुलपति ने कहा कि विद्यार्थियों को समय पर अंकतालिका और डिग्री उपलब्ध कराना विश्वविद्यालय की प्राथमिकता है। दीक्षांत समारोह के एक माह के भीतर विद्यार्थियों को अंकतालिका और डिग्री उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि परीक्षा परिणामों में तेजी लाने के लिए केंद्रीय मूल्यांकन व्यवस्था लागू की जा रही है। वर्तमान सत्र की परीक्षाएं 27 अगस्त को समाप्त होंगी, जबकि पहला परीक्षा परिणाम शनिवार को ही घोषित कर दिया गया है। विश्वविद्यालय का लक्ष्य 15 सितंबर तक सभी परीक्षा परिणाम घोषित करना है।
आठ गांवों को लिया गोद
प्रो. लोहनी ने बताया कि सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत विश्वविद्यालय ने अपने आठों क्षेत्रीय केंद्रों के माध्यम से आठ गांवों को गोद लिया है। इन गांवों में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और लोगों को उच्च शिक्षा के अवसरों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आर्थिक, सामाजिक या भौगोलिक कारणों से उच्च शिक्षा से वंचित लोगों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना विश्वविद्यालय की प्राथमिकता है।
सैनिकों और बंदियों के लिए भी अध्ययन केंद्र
कुलपति ने बताया कि सैनिकों को उच्च शिक्षा से जोड़ने के लिए बंगाल इंजीनियरिंग ग्रुप, रुड़की और कुमाऊं रेजिमेंट, रानीखेत में विशेष अध्ययन केंद्र स्थापित किए गए हैं। वहीं जिला कारागार हरिद्वार, हल्द्वानी और सितारगंज में बंदियों के लिए भी विशेष अध्ययन केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जहां उन्हें निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है।
उन्होंने विद्यार्थियों और युवाओं से विश्वविद्यालय के विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेकर शैक्षिक योग्यता और कौशल बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से समाज के अधिक से अधिक वर्गों तक गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
इस अवसर पर सहायक क्षेत्रीय निदेशक डॉ. बृजेश बनकोटी, उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. सुरजीत सिंह, मोहिनीदेवी डिग्री कॉलेज के एमडी डॉ. योगेश सिंघल, निदेशक अक्षय सिंघल, समन्वयक मनीषा सिंघल, डॉ. राजेश पालीवाल, डॉ. मोहित कुमार, डॉ. जय कुंवार, लाइब्रेरियन रीतू चौधरी, डॉ. राम भरोसे, डॉ. संदीप कश्यप, राहुल कुमार, डॉ. आकाश दीप त्यागी, राजकीय महाविद्यालय मंगलौर की प्राचार्य डॉ. राखी पंचोला सहित कॉलेज प्रशासन, विश्वविद्यालय के अधिकारी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।


