देहरादून। रुड़की। सोनी रोड़
उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा एक बार फिर विवादों में घिर गई है। रविवार सुबह 11 बजे शुरू हुई परीक्षा का प्रश्नपत्र महज 35 मिनट बाद सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। हरिद्वार के एक परीक्षा केंद्र से व्हाट्सएप के जरिए पेपर के तीन पेज बाहर आने की पुष्टि खुद आयोग ने की है।

आयोग के अध्यक्ष जी.एस. मंटोलिया और एसएसपी देहरादून अजय सिंह ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि यह विस्तृत पेपर लीक नहीं बल्कि सीमित मामला है। जांच के दौरान हरिद्वार के एक डिग्री कॉलेज की असिस्टेंट प्रोफेसर हिना को हिरासत में लिया गया है, जिसने पेपर के पन्ने बाहर भेजे। पुलिस ने SIT गठित कर मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने नकल गिरोह या सॉल्वर गैंग की संलिप्तता से फिलहाल इनकार किया है।

उधर, बेरोजगार संघ ने पेपर लीक का आरोप लगाते हुए देहरादून परेड ग्राउंड में ज़बरदस्त प्रदर्शन किया। हजारों की संख्या में युवा पोस्टर-बैनर लेकर पहुंचे और सरकार के खिलाफ नारेबाज़ी की। जगह-जगह पुलिस बल तैनात रहा और प्रदर्शनकारियों को रोका गया।
राजनीतिक मोर्चे पर भी इस घटना ने बवाल खड़ा कर दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करण माहरा और खानपुर विधायक उमेश कुमार ने सरकार पर जमकर निशाना साधा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदेशभर में पुतला दहन किया। रुड़की में नगर अध्यक्ष राजेंद्र चौधरी के नेतृत्व में प्रदर्शन हुआ और ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें युवाओं के भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ की उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई।
प्रदेश में पहले NEET-UG और SSC परीक्षाओं को लेकर उठे विवादों के बाद अब UKSSSC पर लगे पेपर लीक के आरोपों ने परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


