रुड़की , 22 अगस्त। सोनी रोड।हरिद्वार विश्वविद्यालय में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए आयोजित तीन दिवसीय प्रेरणात्मक कार्यक्रम ‘दीक्षारंभ 2026’ का शनिवार को प्रेरणादायक, आध्यात्मिक एवं कॉरपोरेट सत्रों के साथ भव्य समापन हुआ। कार्यक्रम में शिक्षा, उद्योग और उद्यमिता क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों के साथ अपने अनुभव साझा करते हुए उन्हें करियर और जीवन में सफलता के लिए महत्वपूर्ण मंत्र दिए।

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), रुड़की के प्रोफेसर एवं बेटर लाइफ ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट के निदेशक डॉ. नवनीत अरोड़ा ने विद्यार्थियों को जीवन को बेहतर ढंग से समझने, भावनाओं पर नियंत्रण रखने और सकारात्मक सोच विकसित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि युवा अपार प्रतिभा और क्षमता से संपन्न हैं। सही दिशा, आत्मबोध और सकारात्मक सोच के माध्यम से वे जीवन में बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं।

हरिद्वार विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र एवं इंडोप्लांटेक्स स्पेस वॉल्ट एंड रिसर्च प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक एवं सीईओ अंकित चौधरी ने विद्यार्थियों को स्टार्टअप और उद्यमिता के क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सफल उद्यमी बनने के लिए नए विचारों के साथ दृढ़ संकल्प, निरंतर मेहनत, नवाचार और चुनौतियों का सामना करने की क्षमता जरूरी है।
वहीं विप्रो के मानव संसाधन प्रमुख अरविंद चौहान और आईटीसी के मानव संसाधन प्रमुख अल्ताफ हुसैन ने विद्यार्थियों को उद्योग जगत की अपेक्षाओं और रोजगार के बदलते स्वरूप से परिचित कराया। उन्होंने तकनीकी ज्ञान के साथ संचार कौशल, नेतृत्व क्षमता, टीम भावना, अनुशासन, समस्या समाधान और व्यावसायिक व्यवहार को विकसित करने पर जोर दिया।
विशेषज्ञों की सीख को जीवन में उतारें : सीए एस.के. गुप्ता
समापन अवसर पर हरिद्वार विश्वविद्यालय के अध्यक्ष सीए एस.के. गुप्ता ने विद्यार्थियों से तीन दिनों के दौरान प्राप्त सीख और अनुभवों पर संवाद किया। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञों के मार्गदर्शन को केवल सुनने तक सीमित न रखें, बल्कि उसे अपने व्यवहार और जीवन में उतारें। उन्होंने विद्यार्थियों से सफल करियर के साथ-साथ एक बेहतर इंसान बनने का आह्वान किया।
विश्वविद्यालय के उपाध्यक्ष नमन बंसल ने विद्यार्थियों को विश्वास दिलाया कि विश्वविद्यालय के शिक्षक उनके सपनों को साकार करने के लिए पूरी मेहनत और समर्पण के साथ मार्गदर्शन करेंगे। उन्होंने विद्यार्थियों से विश्वविद्यालय की ओर से उपलब्ध कराए जा रहे शैक्षणिक, कौशल विकास, नवाचार और उद्योगोन्मुख अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की।
तीन दिवसीय ‘दीक्षारंभ 2026’ ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण से परिचित कराने के साथ जीवन कौशल, व्यक्तित्व विकास, उद्यमिता, नेतृत्व क्षमता और उद्योग जगत की आवश्यकताओं को समझने का अवसर दिया। कार्यक्रम के समापन पर विद्यार्थियों में नए उत्साह, आत्मविश्वास और भविष्य के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण का संचार देखने को मिला।

