मंगलौर। सोनी रोड।इकबालपुर चीनी मिल पर वर्षों से बकाया गन्ना भुगतान को लेकर किसानों का आक्रोश एक बार फिर सड़क पर दिखाई दिया। उत्तराखंड किसान मोर्चा के बैनर तले किसानों ने राष्ट्रीय अध्यक्ष गुलशन रोड के नेतृत्व में मंगलौर में धरना-प्रदर्शन किया। किसानों ने मिल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और बकाया भुगतान दिलाने की मांग को लेकर मंगलौर कोतवाली में तहरीर भी दी।

बुधवार को किसान मंगलौर कोतवाली क्षेत्र स्थित अब्दुल कलाम चौक पर एकत्र हुए। इसके बाद नारेबाजी करते हुए जुलूस की शक्ल में कोतवाली पहुंचे। यहां किसानों ने धरना देकर अपनी मांगें उठाईं। पंचायत की अध्यक्षता चौधरी धर्मवीर प्रधान ने की। इस दौरान जिला अध्यक्ष महकर सिंह, राष्ट्रीय प्रवक्ता कादर खान समेत किसान मोर्चा के पदाधिकारियों और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
2018 से भुगतान नहीं होने का आरोप
किसानों का आरोप है कि इकबालपुर चीनी मिल पर वर्ष 2018 से उनका करीब सवा सौ करोड़ रुपये का गन्ना भुगतान बकाया है। भुगतान नहीं होने के कारण किसानों के सामने परिवार के पालन-पोषण, बच्चों की पढ़ाई और शादी-विवाह तक का संकट खड़ा हो गया है। किसानों ने आरोप लगाया कि लंबे समय से भुगतान की मांग करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है।
किसानों का कहना है कि मिल प्रबंधन के खिलाफ पहले भी मुकदमे दर्ज हैं, लेकिन उनके मुताबिक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इसी को लेकर अब किसानों ने एक और तहरीर पुलिस को दी है। किसान नेताओं ने बताया कि इकबालपुर चीनी मिल के गन्ना खरीद केंद्र जिन क्षेत्रों में संचालित थे, उन क्षेत्रों से जुड़े किसानों के बकाया भुगतान को लेकर भी कार्रवाई की मांग की गई है।
‘अमीर और गरीब के लिए अलग-अलग कानून क्यों?’
धरने के दौरान किसान नेताओं ने सरकार और प्रशासन पर निशाना साधा। जिला अध्यक्ष महकर सिंह ने कहा कि यदि आम आदमी पर सरकारी ऋण बकाया हो जाए तो उसके खिलाफ तत्काल आरसी की कार्रवाई शुरू हो जाती है, लेकिन किसानों के करोड़ों रुपये वर्षों से बकाया होने के बावजूद उन्हें उनका पैसा नहीं मिल रहा।
राष्ट्रीय अध्यक्ष गुलशन रोड ने कहा कि देश में दो तरह की व्यवस्था दिखाई दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रभावशाली लोगों के मामले में पहले जांच और फिर मुकदमे की बात होती है, जबकि गरीब के मामले में पहले मुकदमा दर्ज कर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि किसानों के साथ यह दोहरा रवैया बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों का जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर देहरादून में भी किसान पंचायत आयोजित करने की बात कही गई। उन्होंने बकाया भुगतान से प्रभावित अन्य लोगों से भी आंदोलन में शामिल होने की अपील की।
पुलिस रही अलर्ट, अधिकारियों ने लिया ज्ञापन
किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी अलर्ट रहा। एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल, पुलिस क्षेत्राधिकारी अभिनव चौधरी और मंगलौर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक भगवान महर किसानों के बीच पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने किसानों की तहरीर ली और अपने स्तर से नियमानुसार कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया।
किसान नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि वर्षों से लंबित गन्ना भुगतान को लेकर जल्द ठोस कदम नहीं उठाया गया तो आंदोलन को बड़े स्तर पर ले जाया जाएगा।


