रुड़की।सोनी रोड़। रमजान-उल-मुबारक के तीसरे जुमे की नमाज नगर व आसपास के क्षेत्रों में अकीदत और श्रद्धा के साथ अदा की गई। नमाज के बाद रोजेदारों ने मुल्क की खुशहाली, अमन-चैन और आपसी भाईचारे के लिए दुआ मांगी।

नगर की प्रमुख जामा मस्जिद रुड़की में जुमे की नमाज मुफ्ती मोहम्मद सलीम ने अदा कराई। नमाज से पहले तकरीर करते हुए मदरसा रहमानिया के प्रधानाचार्य मौलाना अजहर उल हक ने कहा कि रोजा रखने से मन और शरीर दोनों का शुद्धिकरण होता है। उन्होंने कहा कि रमजान का महीना इबादत, सब्र और आत्मसंयम का महीना है, जिसमें इंसान अल्लाह को याद करते हुए अपनी इच्छाओं पर नियंत्रण रखता है।

उन्होंने कहा कि इस पाक महीने में रोजेदार पांचों वक्त की फर्ज नमाज के साथ तरावीह की नमाज भी अदा करते हैं, जिससे आध्यात्मिक और शारीरिक दोनों प्रकार का लाभ मिलता है। रोजा इंसान को इंसानियत, सब्र और दूसरों की भलाई का संदेश देता है।
मौलाना अजहर उल हक ने कहा कि रमजान के दौरान रोजेदार विभिन्न धर्मों से जुड़े लोगों के साथ रोजा इफ्तार में भी शामिल होते हैं, जिससे समाज में आपसी भाईचारा और एकता का संदेश मजबूत होता है।
इस अवसर पर मौलाना अरशद कासमी, मौलाना मोहम्मद हारुन, कारी नफीस अहमद, मौलाना मोहम्मद यूसुफ, कारी जाकिर हुसैन, कारी कलीमुद्दीन, कारी मोहम्मद जफर, हाफिज अशरफ हुसैन, कारी सरफराज अली, मोहम्मद मोफीक, अफजल मंगलौरी, हाजी मोहम्मद सलीम खान, हाफिज मोहम्मद वसीम, हाजी मोहम्मद मुस्तकीम, कारी एहतेशाम, कारी कलीम अहमद, हाजी नौशाद अहमद, इमाम नदीम उल हक, शेख अहमद जमां, इमरान देशभक्त, एडवोकेट कौसर सिद्दीकी, हाजी गुलफाम अहमद, अता उर्रहमान अंसारी, अलीम सिद्दीकी, मकसूद हसन, सैयद नफीसुल हसन, मोहम्मद जहांगीर, बिट्टन त्यागी, सलमान फरीदी सहित बड़ी संख्या में रोजेदारों ने नमाज अदा की।
नगर निगम की ओर से जामा मस्जिद सहित नगर की विभिन्न मस्जिदों और मुस्लिम मोहल्लों में विशेष रूप से सफाई व्यवस्था कराई गई, जिससे नमाजियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।


