रुड़की। सोनी रोड़।
एस.एस.डी. (पी.जी.) कॉलेज, रुड़की में उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस की रजत जयंती, बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती और विज्ञान दिवस के उपलक्ष्य में विविध सांस्कृतिक, शैक्षणिक और सृजनात्मक कार्यक्रमों का भव्य आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुई। छात्राओं ने उत्तराखंड की लोक संस्कृति, पारंपरिक नृत्य और वेशभूषा के माध्यम से राज्य की समृद्ध विरासत का सजीव चित्र प्रस्तुत किया। दर्शकों ने छात्राओं के प्रदर्शन की खूब सराहना की।

राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) की स्वयंसेवी छात्राओं ने “विकसित भारत 2047” विषय पर एपन आर्ट और रंगोली प्रतियोगिता के जरिए आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को साकार रूप दिया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीपक चंद्र सेठ ने कहा कि
“रजत जयंती वर्ष के ये आयोजन उत्तराखंड की सामर्थ्य, कला, संस्कृति, विज्ञान और परंपरा को एक सूत्र में पिरोते हुए एक सशक्त उत्तराखंड का संदेश देते हैं।”
महाविद्यालय प्रबंधन समिति के सचिव सौरभ भूषण शर्मा ने मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए कहा कि
“छात्राओं की वैज्ञानिक दृष्टि ही राष्ट्र के उज्जवल भविष्य की आधारशिला है। सभी को मिलकर अपने उत्तराखंड को विकसित और आध्यात्मिक प्रदेशों की श्रेणी में प्रथम स्थान पर लाना होगा।”
इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. अनुपमा गर्ग, प्रबंधन समिति से योगेश सिंगल, सांस्कृतिक समिति प्रभारी डॉ. अर्चना चौहान, डॉ. मधु मेहरा, डॉ. रुचिका सिंह, डॉ. पारुल, डॉ. अलका आर्य और डॉ. कामना जैन सहित समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।
सभी शिक्षकों ने छात्राओं का उत्साह बढ़ाया और कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग दिया।
कॉलेज परिसर उत्सवमय वातावरण से गूंज उठा — जहां उत्तराखंड की संस्कृति, विज्ञान और नवाचार का संगम एक सुंदर संदेश दे गया कि “संस्कार और विज्ञान मिलकर ही बनाते हैं एक विकसित भारत।”
रिपोर्ट: सोनी रोड़, रुड़की


