रुड़की।सोनी रोड़।हरिद्वार जिले का प्रसिद्ध कांवड़ मेला 30 जुलाई से शुरू होने जा रहा है। कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए शासन-प्रशासन तैयारियों में जुटा हुआ है। इसी क्रम में संयुक्त मजिस्ट्रेट रुड़की दीपक रामचन्द्र शेट की अध्यक्षता में संयुक्त मजिस्ट्रेट कार्यालय में महत्वपूर्ण समन्वय बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न विभागों द्वारा अब तक किए गए कार्यों और शेष तैयारियों की समीक्षा की गई।


बैठक में पुलिस अधीक्षक (देहात), तहसीलदार रुड़की, अपर तहसीलदार, सीएमएस रुड़की, एआरटीओ, एआरएम रोडवेज के साथ रेलवे, जल संस्थान, जल निगम, नगर निगम रुड़की, एनएचएआई और यूपीसीएल सहित संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक के दौरान कांवड़ यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विभिन्न व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। कांवड़ पटरी की मरम्मत कर मार्ग को सुगम बनाने, निर्बाध विद्युत और पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा मोबाइल शौचालयों के लिए उपयुक्त स्थान निर्धारित करने के निर्देश दिए गए।
इसके साथ ही यात्रा मार्ग पर स्वच्छता और प्रकाश व्यवस्था को मजबूत करने, स्वास्थ्य सेवाओं को सक्रिय रखने, यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रभावी व्यवस्था तैयार रखने पर विशेष जोर दिया गया। बैठक में सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय और व्यवस्थाओं के नियमित निरीक्षण को लेकर भी चर्चा हुई।
संयुक्त मजिस्ट्रेट दीपक रामचन्द्र शेट ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले सभी आवश्यक कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरे कर लिए जाएं। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में आने वाले शिवभक्तों और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए प्रत्येक विभाग अपनी जिम्मेदारी गंभीरता से निभाए।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और निर्बाध यात्रा सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है। कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले मार्ग, बिजली, पानी, स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाओं और यातायात व्यवस्था से संबंधित तैयारियों को अंतिम रूप दिया जाएगा।


