हरिद्वार। वर्ष 1947 में देश के विभाजन के दौरान विस्थापन और त्रासदी झेलने वाले परिवारों की स्मृतियों को समर्पित विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर शुक्रवार को प्रेमनगर आश्रम में कार्यक्रम आयोजित किया गया। उत्तरांचल पंजाबी महासभा की ओर से आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। महासभा की ओर से मुख्यमंत्री को पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री धामी ने विभाजन के दौरान जान गंवाने वाले लाखों लोगों और विस्थापन की पीड़ा झेलने वाले परिवारों को नमन करते हुए कहा कि विभाजन विभीषिका दिवस हमें उन लोगों के संघर्ष, त्याग और पीड़ा की याद दिलाता है, जिन्होंने अपना घर-बार और सब कुछ खो दिया। उन्होंने कहा कि इस त्रासदी को याद करना केवल अतीत को स्मरण करना नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को इतिहास से सीख लेते हुए एकता, सामाजिक समरसता और राष्ट्र की अखंडता का महत्व समझाना भी है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में पहली बार विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के माध्यम से उन परिवारों और उनके पूर्वजों की पीड़ा को सार्वजनिक रूप से याद करने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि देश आज विकास और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है और सभी को मिलकर एक सशक्त एवं एकजुट भारत के निर्माण में योगदान देना चाहिये
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर लगाई गई रिफ्यूजी प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने विभाजन के समय विस्थापित परिवारों से जुड़ी स्मृतियों और प्रदर्शित सामग्री की जानकारी ली। इसके अलावा रक्तदान शिविर का निरीक्षण कर रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन किया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में मौजूद बुजुर्गों को सम्मानित करते हुए उनके संघर्ष और योगदान को समाज के लिए प्रेरणादायी बताया।
कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा ने कहा कि विभाजन की पीड़ा को शब्दों में व्यक्त करना आसान नहीं है। तत्कालीन परिस्थितियों में बुजुर्गों ने कठिनाइयों का सामना करते हुए अपने जीवन को दोबारा खड़ा किया और देश के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस ऐसे सभी परिवारों के त्याग और संघर्ष को नमन करने का अवसर है।
बत्रा ने कहा कि युवा पीढ़ी को इतिहास की सच्चाई से परिचित कराने के साथ देश की एकता और भाईचारे को मजबूत करने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने उत्तरांचल पंजाबी महासभा के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम समाज को अपनी जड़ों और इतिहास से जोड़ते हैं। उन्होंने रक्तदान शिविर और बुजुर्गों के सम्मान जैसे सामाजिक सरोकारों की भी प्रशंसा की।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा, सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत, राज्यसभा सांसद कल्पना सैनी, विधायक आदेश चौहान, संत जगजीत सिंह शास्त्री, स्वामी आलोक दास, स्वामी लोकेश दास, उत्तरांचल पंजाबी महासभा के प्रदेश अध्यक्ष करण मल्होत्रा, जिलाध्यक्ष प्रवीण कुमार सहित महासभा के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे।


