रुड़की। सोनी रोड़।
संस्कार भारती साहित्य विभाग की अखिल भारतीय बैठक रुड़की स्थित आनंद स्वरूप आर्य सरस्वती विद्या मंदिर के प्रांगण में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। बैठक का आयोजन अखिल भारतीय संगठन मंत्री अभिजीत गोखले तथा साहित्य विभाग के अखिल भारतीय संयोजक सुरेश बबलानी के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में किया गया। इसमें देश के 23 प्रांतों से आए साहित्य संयोजकों एवं प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।

दो दिवसीय बैठक में साहित्य विभाग के संगठनात्मक स्वरूप, कार्यक्षेत्र के विस्तार, साहित्य की विभिन्न विधाओं तथा भारतीय साहित्य के संरक्षण एवं संवर्धन पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। पहले दिन दो और दूसरे दिन चार सत्र आयोजित किए गए, जिनमें साहित्य के विभिन्न आयामों पर गंभीर चर्चा हुई। क्षेत्रीय एवं आंचलिक लोक साहित्य के संरक्षण और संवर्धन पर भी विशेष मंथन किया गया।
अखिल भारतीय संगठन मंत्री अभिजीत गोखले ने कहा कि “साहित्य समाज का दर्पण है और समाज को दिशा देने का कार्य करता है। भारत का संपूर्ण दर्शन साहित्य में समाहित है। रामायण और महाभारत जैसे कालजयी ग्रंथ आज भी भारतीय जनमानस को प्रेरणा देते हैं।”
उत्तराखंड प्रांत के साहित्य संयोजक डॉ. राजकुमार राज उपाध्याय ने बताया कि बैठक में दिल्ली, हरियाणा, गुजरात, उत्तराखंड, कर्नाटक, बिहार, ब्रज, अवध, काशी, राजस्थान, छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्य भारत, महाराष्ट्र सहित 23 प्रांतों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
साहित्य विभाग के अखिल भारतीय संयोजक सुरेश बबलानी ने आगामी समय के लिए साहित्य विभाग की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने पर बल दिया।
बैठक का आयोजन संस्कार भारती, रुड़की महानगर इकाई द्वारा किया गया। इस अवसर पर प्रांत कोष प्रमुख मनीष श्रीवास्तव, प्रांत टोली सदस्य नरेंद्र आहूजा, विभाग संयोजक पुनीत चौधरी, वरिष्ठ कार्यकर्ता अशोक शर्मा आर्य, महानगर अध्यक्ष डॉ. भावना शर्मा, जिला हरिद्वार महामंत्री समय सिंह, महानगर महामंत्री विनय सैनी, महानगर उपाध्यक्ष बीना सिंह सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


