रुड़की। सोनी रोड़।जीवन में काम तो हर कोई करता है, लेकिन कुछ लोग ऐसे होते हैं जो अपने काम को केवल जिम्मेदारी नहीं, बल्कि अपना जुनून और धर्म समझकर करते हैं। ऐसे ही पुलिसकर्मियों में अपर उप निरीक्षक नरेंद्र सिंह राठी का नाम भी अब सम्मान के साथ लिया जा रहा है। निष्ठा, लगन, अनुशासन, समर्पण, विनम्रता और दृढ़ता के साथ ड्यूटी निभाने वाले नरेंद्र राठी को कांवड़ मेला ड्यूटी में उत्कृष्ट कार्य के लिए अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था), उत्तराखंड द्वारा प्रशस्ति पत्र और मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया।

कोतवाली रुड़की में तैनात अपर उप निरीक्षक नरेंद्र राठी को कांवड़ मेले के दौरान मुख्य डाइवर्जन स्थल गणेशपुर पुल (टैंक चौक) पर जिम्मेदारी सौंपी गई थी। उन्होंने इस जिम्मेदारी को केवल ड्यूटी तक सीमित नहीं रखा, बल्कि अपनी रचनात्मक सोच से टैंक चौक को कांवड़ियों के लिए आकर्षक और सुविधाजनक बना दिया।
उन्होंने टैंक चौक पर फ्लेक्सी बोर्ड और दिशा-सूचक बोर्ड लगाकर ऐसा सुंदर स्वरूप तैयार किया, जिसकी आमजन, आसपास के दुकानदारों, पुलिस अधिकारियों, मीडिया प्रतिनिधियों, विशेष पुलिस अधिकारियों और यातायात स्वयंसेवकों ने जमकर सराहना की। दिशा-सूचक बोर्डों से कांवड़ियों को डाइवर्जन समझने में भी काफी मदद मिली।
कांवड़ यात्रा के दौरान जब नहर पटरी से कांवड़ियों की निकासी कम हुई और नगला इमरती डाइवर्जन पर डाक कांवड़ का दबाव बढ़ा, तो पुलिस अधीक्षक ग्रामीण शेखर चंद्र सुयाल ने नरेंद्र राठी के अनुभव और कार्यकुशलता को देखते हुए उन्हें हाईवे डाइवर्जन नगला इमरती पर तैनात किया।
यहां भी उन्होंने भारी कांवड़ जनसैलाब को व्यवस्थित तरीके से डायवर्ट कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कठिन परिस्थितियों में भी उनका संयम, अनुशासन और ड्यूटी के प्रति समर्पण दिखाई दिया।
खास बात यह है कि नरेंद्र राठी जहां भी तैनात रहे, वहां अपने आसपास की व्यवस्था, स्वच्छता और कार्यस्थल को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान देते रहे हैं। इससे पहले मंगलौर कोतवाली में भी स्वच्छता अभियान से लेकर कार्यालय को व्यवस्थित और सुंदर बनाने में उनकी सक्रिय भूमिका रही।
नारसन बॉर्डर से हरिद्वार तक कांवड़ मार्ग पर नजर डालें तो जगह-जगह पुलिस चेक पोस्ट दिखाई देते हैं, लेकिन नरेंद्र राठी द्वारा तैयार किया गया चेक पोस्ट और टैंक चौक की साज-सज्जा यह बताती है कि ड्यूटी को अगर मन से किया जाए तो सामान्य जिम्मेदारी भी मिसाल बन सकती है।
कांवड़ मेला सकुशल संपन्न होने के बाद हरिद्वार में आयोजित समापन समारोह में नरेंद्र राठी की इसी कार्यशैली को सम्मान मिला। उनकी निष्ठा, लगन, अनुशासन, समर्पण, विनम्रता और दृढ़ता को देखते हुए अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) ने उन्हें प्रशस्ति पत्र और मोमेंटो देकर सम्मानित किया।
यह सम्मान केवल एक पुलिसकर्मी का सम्मान नहीं, बल्कि उस सोच का सम्मान है जिसमें ड्यूटी नौकरी नहीं, जिम्मेदारी और सेवा बन जाती है।


