रुड़की। सोनी रोड़। कौशल विकास और अकादमिक सहयोग को नई दिशा देते हुए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रुड़की और हरिद्वार यूनिवर्सिटी के बीच गुरुवार को एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते का उद्देश्य दोनों संस्थानों के बीच शैक्षणिक, अनुसंधान एवं कौशल आधारित गतिविधियों को बढ़ावा देना है।

आईआईटी रुड़की की ओर से प्रोफेसर विवेक कुमार मलिक, डीन (एसआरआईसी) एवं प्रोफेसर अमित अग्रवाल, एसोसिएट डीन ने हस्ताक्षर किए, जबकि हरिद्वार यूनिवर्सिटी की ओर से प्रोफेसर आदेश के. आर्य, प्रो-वाइस चांसलर ने समझौते पर हस्ताक्षर किए।

इस अवसर पर प्रोफेसर विवेक कुमार मलिक ने कहा कि यह एमओयू दोनों संस्थानों के बीच अकादमिक सहयोग को सुदृढ़ करेगा। इसके माध्यम से हरिद्वार यूनिवर्सिटी के विद्यार्थी एवं संकाय सदस्य आईआईटी रुड़की के साथ विभिन्न शैक्षणिक और शोध गतिविधियों में भाग लेकर अपनी दक्षताओं को और निखार सकेंगे।
हरिद्वार यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष सीए एस. के. गुप्ता ने कहा कि विश्वविद्यालय सदैव अपने विद्यार्थियों के ज्ञान और कौशल विकास के लिए प्रतिबद्ध रहा है। यह समझौता विद्यार्थियों को उत्कृष्ट शैक्षणिक वातावरण और उन्नत संसाधनों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
प्रोफेसर आदेश के. आर्य ने बताया कि एमओयू के अंतर्गत हरिद्वार यूनिवर्सिटी के छात्र आईआईटी रुड़की में सर्टिफिकेट कोर्स कर सकेंगे, अपने प्रोजेक्ट्स पर कार्य कर सकेंगे तथा समर और विंटर इंटर्नशिप के अवसर प्राप्त करेंगे। इससे छात्रों को व्यावहारिक अनुभव और उद्योगोन्मुखी कौशल विकसित करने में सहायता मिलेगी।
कार्यक्रम के दौरान डायरेक्टर विपिन सैनी, रजिस्ट्रार सुमित चौहान, ओएसडी अभिनव भटनागर, असिस्टेंट प्रोफेसर संजना एवं असिस्टेंट प्रोफेसर निशा धीमान सहित अन्य शिक्षकगण उपस्थित रहे।
यह सहयोग ज्ञान, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में दीर्घकालिक साझेदारी की शुरुआत का प्रतीक है, जो विद्यार्थियों के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


