रुड़की। सोनी रोड़।हरिद्वार विश्वविद्यालय और इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (IIA) के बीच उद्योग और शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। समझौते का उद्देश्य विद्यार्थियों को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण और व्यावहारिक अनुभव उपलब्ध कराने के साथ रोजगार एवं प्लेसमेंट के अवसरों को बढ़ाना है।

एमओयू के तहत विद्यार्थियों के लिए इंटर्नशिप, औद्योगिक भ्रमण, लाइव प्रोजेक्ट, विशेषज्ञ व्याख्यान और उद्योग आधारित कौशल विकास कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। विश्वविद्यालय और IIA के सहयोग से नवाचार एवं उद्यमिता को बढ़ावा देने तथा रोजगारोन्मुख शिक्षा को मजबूत करने पर भी जोर दिया जाएगा।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के नवनिर्मित अत्याधुनिक मल्टीपर्पज डोम की भी जानकारी दी गई। विश्वविद्यालय के अनुसार इस डोम को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों, उद्योग-अकादमिक कार्यक्रमों, दीक्षांत समारोह, सांस्कृतिक और तकनीकी आयोजनों समेत बड़े कार्यक्रमों के लिए विकसित किया गया है।
IIA की स्थापना वर्ष 1985 में हुई थी और वर्ष 1992 में इसका नाम भारतीय उद्योग संघ (IIA) रखा गया। संगठन एमएसएमई क्षेत्र के हितों के लिए काम करता है और उद्योग एवं सरकार के बीच समन्वय की भूमिका निभाता है। संगठन के अनुसार उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, दिल्ली समेत विभिन्न राज्यों में उसके 50 से अधिक चैप्टर और करीब 16 हजार एमएसएमई सदस्य जुड़े हैं।
विश्वविद्यालय प्रबंधन का कहना है कि एमओयू के माध्यम से विद्यार्थियों को औद्योगिक क्षेत्र की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने में मदद मिलेगी। साथ ही इससे उद्योग-अकादमिक समन्वय को मजबूत करने और क्षेत्रीय औद्योगिक विकास को गति देने की दिशा में भी काम किया जाएगा।


