रुड़की, 6 जून। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर क्वाड्रा इंस्टिट्यूट ऑफ आयुर्वेद, रुड़की में वृक्षारोपण एवं पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में संस्थान के शिक्षकों, चिकित्सकों एवं छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया तथा पर्यावरण संरक्षण और हरित भारत के निर्माण का संकल्प लिया।

कार्यक्रम के तहत संस्थान परिसर में पीपल, बरगद, जामुन, आम, अशोक, अर्जुन, लीची, निर्गुण्डी एवं नीम सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए। कार्यक्रम का संचालन नोडल अधिकारी प्रो. डॉ. शेरोन प्रभाकर के संयोजन में किया गया।
इस अवसर पर संस्थान के सचिव डॉ. रकम सिंह ने सभी को पर्यावरण दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक संसाधनों के अत्यधिक दोहन के कारण पर्यावरण गंभीर संकट का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अधिक से अधिक वृक्ष लगाकर प्रकृति संरक्षण में अपनी भूमिका निभानी चाहिए। वृक्ष हमें प्राणवायु प्रदान करने के साथ-साथ पृथ्वी के पारिस्थितिक संतुलन को बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
कार्यक्रम के समापन पर संस्थान के प्राचार्य डॉ. जितेन्द्र कुमार ने सभी प्रतिभागियों एवं आयोजन से जुड़े शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक अभियान नहीं, बल्कि हमारी नैतिक जिम्मेदारी है, जिसके प्रति सभी को सजग और सक्रिय रहना चाहिए।
इस दौरान निदेशक डॉ. ऋषभ कुमार जैन, डॉ. आशीष कांडपाल, डॉ. गार्गी वर्मा तथा डॉ. हिमाद्रि ने भी पर्यावरण संरक्षण एवं प्रकृति संवर्धन पर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम के अंत में संस्थान की ओर से उपस्थित लोगों को औषधीय पौधों का वितरण किया गया।
कार्यक्रम में डॉ. रजनीकांत, डॉ. अभिषेक भूषण शर्मा, डॉ. सौरभ कुमार, डॉ. प्रियंका शर्मा, डॉ. हर्षा मोहन सिंह, डॉ. आदित्य भारद्वाज, डॉ. उर्वि कौशिक, डॉ. अर्चना भर्तवाल, डॉ. अपेक्षा गौतम, डॉ. शुभम चौधरी, डॉ. तेजस मिश्रा, जनसंपर्क अधिकारी संजय सैनी, दीपक कुमार, संजय कुमार, राहुल कुमार, शाहिदुज्जमा, रविंद्र कुमार एवं राजेश कुमार सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।


