रुड़की, 30 सितम्बर। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रुड़की ने उन्नत एंटीना गेन एन्हांसमेंट तकनीक को एमटेकप्रो टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड को लाइसेंस कर दिया है। इस कदम से वायरलेस संचार और अनुप्रयुक्त विद्युत चुंबकीय क्षेत्र में उद्योग और शिक्षा जगत के बीच सहयोग और मजबूत होगा।
“बैंड पास गेन बूस्टिंग सरफेस (जीबीएस) का उपयोग कर पिरामिडल हॉर्न एंटीना में गेन बढ़ाने की प्रणाली एवं विधि” (पेटेंट आवेदन संख्या 202311057857) नामक इस नवाचार को आईआईटी रुड़की के प्रो. गौरीश बसवराजप्पा और श्री कल्याण मोहन पटनायक ने विकसित किया है। यह तकनीक अगली पीढ़ी की संचार प्रणालियों में उच्च दक्षता और व्यापक औद्योगिक उपयोग की क्षमता रखती है।
प्रो. गौरीश बसवराजप्पा ने कहा, “यह तकनीक एंटीना के प्रदर्शन को बेहतर बनाने का सरल और प्रभावी तरीका है। उद्योग के साथ सहयोग हमारे अनुसंधान को व्यावहारिक स्वरूप देगा।”
एमटेकप्रो टेक्नोलॉजीज के प्रतिनिधि श्री तैय्यब ज़िया अहमद और सुश्री दीपा गोयल ने इस तकनीक को अपनी उत्पाद श्रृंखला में शामिल करने पर खुशी जताते हुए कहा कि इसका औद्योगिक अनुप्रयोगों में व्यापक भविष्य है और कंपनी इसे व्यावसायिक रूप से बाजार में लाने के लिए प्रतिबद्ध है।
आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. के.के. पंत ने इसे शिक्षा और उद्योग के बीच सार्थक नवाचारों को आगे बढ़ाने वाला कदम बताया। वहीं, कुलशासक (प्रायोजित अनुसंधान एवं औद्योगिक परामर्श) प्रो. विवेक के. मलिक ने कहा कि यह उदाहरण दर्शाता है कि संस्थान के शोधकर्ता उद्योग की चुनौतियों का समाधान नवीन तकनीकों के माध्यम से कर रहे हैं।
यह तकनीकी हस्तांतरण, आईआईटी रुड़की की उस पहल का हिस्सा है जिसके अंतर्गत प्रयोगशाला से निकले शोध को वास्तविक जीवन की जरूरतों से जोड़ा जा रहा है।


