रुड़की, 8 अक्टूबर। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रुड़की ने सोमवार को मैत्री एक्वाटेक प्राइवेट लिमिटेड के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता वायुमंडलीय जल उत्पादन (Atmospheric Water Generation – AWG) तकनीक के माध्यम से भारत में सतत जल प्रबंधन और जलवायु लचीलापन को बढ़ाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
समझौते पर हस्ताक्षर आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. के.के. पंत की उपस्थिति में किए गए। इस अवसर पर प्रो. पंत ने कहा, “यह सहयोग अत्याधुनिक अनुसंधान को समाज के व्यावहारिक समाधान में बदलने की दिशा में आईआईटी रुड़की की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। मैत्री एक्वाटेक की तकनीक और हमारी अकादमिक विशेषज्ञता मिलकर जल लचीलापन को मजबूत बनाएंगी।”
इस साझेदारी का उद्देश्य जल-संकटग्रस्त क्षेत्रों में सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना, एआई/एमएल आधारित दक्षता मॉडल विकसित करना, तथा प्रकृति-आधारित समाधानों के साथ हाइब्रिड सिस्टम तैयार करना है। इसके तहत दोनों संस्थान संयुक्त अनुसंधान, प्रौद्योगिकी विकास, पायलट परियोजनाओं और सामाजिक परिनियोजन पर कार्य करेंगे।
मैत्री एक्वाटेक के कार्यकारी उपाध्यक्ष कैप्टन के.के. शर्मा ने कहा, “आईआईटी रुड़की के साथ यह साझेदारी हमें शोध-आधारित दृष्टिकोण के साथ हमारी एडब्ल्यूजी तकनीक को और अधिक प्रभावी एवं स्थायी बनाने का अवसर देती है।”
इस परियोजना के तकनीकी समन्वयक प्रो. एम.एल. कंसल ने बताया कि यह सहयोग पेयजल एवं स्वच्छता मिशन को सशक्त करेगा और भारत को जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए वैज्ञानिक समाधान उपलब्ध कराएगा।
आईआईटी रुड़की और मैत्री एक्वाटेक की यह साझेदारी संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी 6 – स्वच्छ जल एवं स्वच्छता, एसडीजी 13 – जलवायु कार्रवाई) के अनुरूप है। यह न केवल अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देगी, बल्कि ग्रामीण और शहरी समुदायों में स्वच्छ पेयजल की पहुंच सुनिश्चित करने में भी अहम भूमिका निभाएगी।


