रुड़की।
गन्ना भुगतान को लेकर किसानों का आक्रोश एक बार फिर उबाल पर है। मिल प्रबंधन के बार-बार के झूठे वादों और अधूरे आश्वासनों से नाराज भारतीय किसान यूनियन (रेट रोड गुट) ने दीपावली से पहले रेल रोको आंदोलन की घोषणा कर रखी थी।
हालांकि जिलाधिकारी हरिद्वार, एडीएम और ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रुड़की की सक्रियता से आंदोलन टल गया।
प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद रुड़की में हुई अहम बैठक में गन्ना आयुक्त, मिल प्रबंधन और किसान यूनियन पदाधिकारी आमने-सामने आए। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष संजीव कुशवाहा और जिला अध्यक्ष सचिन तोड़ा समेत बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
बैठक के दौरान गन्ना आयुक्त ने भुगतान का आश्वासन तो दिया, परंतु कोई ठोस समयसीमा नहीं बताई। इस पर किसानों और अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक और गर्मागरम बहस हुई।
अंततः ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रुड़की ने संवाद के ज़रिए स्थिति को संभाला और किसानों को मनाने में सफलता पाई।
किसानों ने दीपावली “अंधेरे में” मनाने की बात कहते हुए प्रशासन को सात दिन का अल्टीमेटम दिया है।
किसान नेताओं ने चेतावनी दी —
“यदि सात दिन में भुगतान नहीं हुआ, तो गन्ना आयुक्त को बंधक बनाकर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।”


