शहर में सड़कों पर घूमते निराश्रित बैल, सांड और गायों से जल्द ही लोगों को राहत मिलने वाली है। नगर निगम की ओर से सालियर क्षेत्र में गौसदन निर्माण का कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है। यह गौसदन लगभग एक एकड़ भूमि में बनाया जा रहा है, जहां 50 से अधिक गायों को रखने की सुविधा उपलब्ध होगी।

नगर निगम ने गौवंश संरक्षण को और मजबूत करने के उद्देश्य से गौदान की क्षमता बढ़ाने के लिए सालियर में एक और एकड़ भूमि भी चिन्हित कर ली है। इसके साथ ही गौसदन के पास ही निराश्रित बैल और सांडों के लिए नंदीशाला निर्माण की योजना भी तैयार की गई है। नंदीशाला में सड़कों पर घूमने वाले बैल और सांडों को सुरक्षित रूप से रखा जाएगा।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, भविष्य की जरूरतों को देखते हुए एक और गौसदन निर्माण के लिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) भी तैयार की जा रही है, जिसे स्वीकृति के लिए शासन को भेजा जाएगा। स्वीकृति मिलते ही आगे की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
बताया गया कि सालियर में बनाए जा रहे गौसदन में पशुओं के लिए चारा, पानी और देखरेख की समुचित व्यवस्था की जा रही है। साथ ही, क्षमता बढ़ाने के लिए अतिरिक्त भूमि चिन्हित कर नगर निगम पशु संरक्षण को दीर्घकालीन समाधान देने की दिशा में कार्य कर रहा है।
गौसदन और नंदीशाला के निर्माण से जहां शहरवासियों को आवारा पशुओं से होने वाली परेशानी से निजात मिलेगी, वहीं निराश्रित पशुओं को भी सुरक्षित आश्रय मिल सकेगा।


