नई दिल्ली, संवाददाता।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के लाल किले के पास सोमवार शाम लगभग 6:55 बजे एक भीषण विस्फोट ने पूरे देश को दहला दिया। घटना में 11 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 24 लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।
पुलिस के अनुसार धमाका सफेद रंग की एक कार में हुआ, जो नदीम नामक व्यक्ति के नाम पर रजिस्टर्ड बताई जा रही है। कार धीमी रफ्तार से चल रही थी जब अचानक उसमें विस्फोट हुआ। धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और आसपास खड़ी 10 से 12 गाड़ियाँ भी क्षतिग्रस्त हो गईं।
गृहमंत्री अमित शाह ने घटना स्थल का दौरा कर स्थिति की समीक्षा की और दिल्ली पुलिस कमिश्नर से विस्तृत रिपोर्ट मांगी।
देश के सभी महानगरों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है, जबकि उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
पिछले सप्ताह ही ध्वस्त हुआ था ‘व्हाइट कॉलर आतंकी नेटवर्क’
सुरक्षा एजेंसियों को संदेह है कि यह धमाका हाल ही में उजागर किए गए “व्हाइट कॉलर टेरर नेटवर्क” से जुड़ा हो सकता है।
दरअसल, बीते सप्ताह सुरक्षा बलों ने एक मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया था, जिसमें 3000 किलो विस्फोटक, हथियार और गोला-बारूद बरामद किए गए थे।
16 अक्टूबर को श्रीनगर के नौगांव क्षेत्र में जायज के समर्थन में पोस्टर लगाए जाने के बाद कार्रवाई शुरू हुई थी। जांच के दौरान मकसूद, आरिफ, निषाद, मौलवी इरफान और जमीर अहमद को गिरफ्तार किया गया।
उनसे पूछताछ में जिन नामों का खुलासा हुआ, उनमें डॉ. आदिल अहमद राठौर और डॉ. मुजम्मिल प्रमुख रहे।
डॉ. मुजम्मिल को फरीदाबाद से 360 किलो अमोनियम नाइट्रेट के साथ गिरफ्तार किया गया, जबकि फतेहपुर में 89 बोरियों में रखा गया 2663 किलो विस्फोटक बरामद हुआ।
इस मॉड्यूल में तीन डॉक्टर और आठ अन्य व्यक्ति गिरफ्तार किए गए हैं, जिनमें एक महिला डॉक्टर शाहीन लखनऊ निवासी भी शामिल हैं।
सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तार डॉक्टरों के पास से एके-47 राइफल, पिस्तौल, कारतूस और विस्फोटक सामग्री भी मिली है।
एजेंसियां अब जांच कर रही हैं कि क्या दिल्ली का यह धमाका इसी नेटवर्क की अगली कड़ी तो नहीं है।
देशभर में अलर्ट, जांच एजेंसियां सक्रिय
दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा एजेंसियों ने संवेदनशील क्षेत्रों में तलाशी अभियान तेज कर दिए हैं।
NIA और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने घटनास्थल से बरामद साक्ष्यों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा है।
सरकार ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा की सर्वोच्च प्राथमिकता मानते हुए सभी राज्यों को अलर्ट पर रखा है।


