उत्तराखंड के किसानों के साथ हो रहा भेदभाव, ऊर्जा निगम के खिलाफ गरजे किसान — किसान मोर्चा की मासिक पंचायत
रुड़की, सोनी रोड। देश भर में किसानों की स्थिति लगभग एक जैसी है, लेकिन राज्यों की नीतियों में भारी अंतर किसानों के बीच भेदभाव पैदा कर रहा है। इसी मुद्दे को लेकर उत्तराखंड किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुलशन रोड़ के नेतृत्व में वोट क्लब स्थित ऊर्जा निगम कार्यालय परिसर में मासिक पंचायत का आयोजन किया गया।
पंचायत में किसानों ने जोरदार ढंग से अपनी आवाज बुलंद की। गुलशन राठौर ने कहा कि उत्तराखंड में किसानों से बिजली के बिल वसूले जा रहे हैं, जबकि उत्तर प्रदेश में किसानों को बिजली फ्री दी जा रही है। उत्तराखंड में बिजली कनेक्शन फ्री मिलते थे, लेकिन अब बिजली बिलों की भारी मार किसानों पर पड़ रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि ₹5000तक का बकाया होने पर भी किसानों के कनेक्शन काटे जा रहे हैं, जो पूरी तरह से अन्यायपूर्ण है। किसानों को भारी पेनल्टी थोपकर परेशान किया जा रहा है, जबकि राज्य सरकार का दावा है कि वह किसानों के हित में काम कर रही है।
किसान मोर्चा ने मांग की है कि किसानों के पुराने बिलों पर लगाई गई पेनल्टी माफ की जाए, और किसानों को राहत दी जाए।
गुलशन रोड़ ने स्पष्ट किया कि अगर किसानों का उत्पीड़न बंद नहीं हुआ, तो उत्तराखंड किसान मोर्चा सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगा।
मौके पर उपस्थित किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की और मांगों के समर्थन में एकजुटता दिखाई।


