रुड़की। दीपावली का पर्व केवल दीप जलाने या लक्ष्मी पूजन तक सीमित नहीं है, यह अपने लक्ष्य, अपने कर्म और अपने सहयोगियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर भी है।
व्यापार, अगर ईमानदारी और सद्भाव के साथ किया जाए, तो वह केवल व्यवसाय नहीं बल्कि एक सामाजिक साधना बन जाता है।
भाजपा लघु उद्योग प्रकोष्ठ रुड़की के जिला संयोजक केतन भारद्वाज ने गॉडविन लाइव से बातचीत में कहा कि—
“व्यापार का अर्थ केवल मुनाफा नहीं, बल्कि दूसरे का बेड़ा पार करना है।
जब हम अपने उत्पाद या सेवा से समाज को लाभ पहुंचाते हैं, तभी वह व्यापार ‘सेवा’ कहलाता है।
और जब सेवा में ईमानदारी जुड़ जाती है, तो लक्ष्मी स्वयं घर में प्रवेश करती हैं।”
उन्होंने कहा कि दीपावली का यह पर्व हमें यह सिखाता है कि लक्ष्य पूजन और लक्ष्मी पूजन एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं।
“जो व्यक्ति अपने जीवन के लक्ष्य के प्रति सच्चा है, वही सच्चे अर्थों में लक्ष्मी का पूजन करता है।
क्योंकि लक्ष्मी वहीं टिकती हैं जहाँ श्रम, सत्य और विनम्रता होती है।”
केतन भारद्वाज ने सभी व्यापारियों और युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने क्षेत्र में निष्ठा और पारदर्शिता के साथ कार्य करें।
“मंज़िल उसी को मिलती है जो विनम्र रहता है और भगवान पर भरोसा रखता है।
प्रतिस्पर्धा में नहीं, सहयोग में सफलता छिपी है।
जो दूसरों को ऊपर उठाने का प्रयास करता है, वही सच्चे अर्थों में समृद्ध होता है।”
उन्होंने दीपावली के इस पावन अवसर पर सभी उद्योगपतियों, व्यापारियों और नागरिकों से आग्रह किया कि वे अपने कार्यस्थलों पर उन सभी सहयोगियों का सम्मान करें, जो उनके साथ मिलकर सपनों को साकार करने में भागीदार हैं।
अंत में उन्होंने कहा —
“दीपावली का संदेश यही है कि हर दीपक की तरह हम भी अपने कर्म से दूसरों के जीवन में उजाला फैलाएं।
यही सच्चा लक्ष्य पूजन है, यही सच्ची समृद्धि है।”
केतन भारद्वाज
जिला संयोजक, लघु उद्योग प्रकोष्ठ, भाजपा रुड़की


