रुड़की। सोनी रोड़।लंबे इंतजार के बाद आखिरकार रुड़की शहर को आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या से निजात दिलाने की दिशा में बड़ी पहल की गई है। नगर निगम रुड़की की ओर से शहर के समीप सालियर इब्राहिमपुर में एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) सेंटर की स्थापना की गई है। इस केंद्र के शुरू होने से अब शहर में आवारा कुत्तों की आबादी पर नियंत्रण की उम्मीद बढ़ गई है।
शहर में लंबे समय से आवारा कुत्तों की संख्या तेजी से बढ़ रही थी। गलियों और बाजारों में झुंड के झुंड कुत्ते घूमते दिखाई देते हैं, जिससे आमजन हर समय डर के साये में रहते हैं। देशभर में भी कुत्तों के हमले के कई दर्दनाक मामले सामने आ चुके हैं—कहीं मासूम बच्चे तो कहीं बुजुर्ग इनका शिकार बने हैं।
इसी गंभीर समस्या को देखते हुए नगर निगम रुड़की ने तीन साल की मेहनत के बाद इस एबीसी सेंटर को तैयार किया है। शुक्रवार को नगर निगम महापौर अनीता अग्रवाल, मेयर प्रतिनिधि ललित मोहन अग्रवाल, नगर आयुक्त राकेश चंद्र तिवारी, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विक्रांत सिरोही समेत निगम की पूरी टीम की मौजूदगी में इसका उद्घाटन किया गया।
अब आवारा कुत्तों को पकड़कर इस केंद्र में लाया जाएगा, जहां उनका बंध्याकरण (नसबंदी) किया जाएगा और कुछ दिनों के उपचार के बाद उन्हें उसी स्थान पर वापस छोड़ा जाएगा। नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि यह प्रक्रिया लगातार चलती रहेगी ताकि शहर में कुत्तों की अनियंत्रित बढ़ती संख्या पर अंकुश लगाया जा सके।
सिविल अस्पताल में कुत्तों के काटने के मामलों में लगातार वृद्धि से स्वास्थ्य विभाग भी परेशान था। उम्मीद की जा रही है कि इस केंद्र के शुरू होने से न केवल नागरिकों को राहत मिलेगी बल्कि शहर का स्वास्थ्य वातावरण भी सुधरेगा।


