हरिद्वार। उत्तराखंड राज्य स्थापना की रजत जयंती के उपलक्ष्य में हरिद्वार विश्वविद्यालय में आयोजित विज्ञान उत्सव का शनिवार को भव्य समापन हुआ। सप्ताहभर चले इस आयोजन में छात्रों ने विज्ञान, नवाचार और सृजनशीलता का शानदार प्रदर्शन कर सभी को प्रभावित किया।

समापन अवसर पर आयोजित विज्ञान मॉडल प्रदर्शनी में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों—फार्मेसी, नर्सिंग, मैनेजमेंट और एग्रीकल्चर कॉलेज—के छात्र-छात्राओं ने समाज की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अपने इनोवेटिव मॉडल प्रस्तुत किए। वहीं एप्लाइड साइंस विभाग द्वारा आयोजित “Tales from the Lab” और “Science Behind the Miracle” शीर्षक पर नाट्य प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया।

विश्वविद्यालय के अध्यक्ष सी.ए. एस.के. गुप्ता ने छात्रों की सराहना करते हुए कहा, “विज्ञान केवल प्रयोगशालाओं तक सीमित नहीं है, यह जीवन जीने का तरीका है। हमारे छात्रों की जिज्ञासा और समर्पण ही भविष्य के भारत की असली ताकत बनेगी।”
उपाध्यक्ष नमन बंसल ने कहा, “नवाचार तभी संभव है जब हम प्रश्न पूछने का साहस रखें। छात्रों के विचार और मॉडल इस बात का प्रमाण हैं कि युवाओं में अपार संभावनाएँ हैं।”
वहीं डॉ. आदेश के. आर्य ने कहा, “हर विचार, चाहे वह छोटा ही क्यों न हो, यदि उसे समर्पण और अनुसंधान से जोड़ा जाए तो वह किसी बड़े परिवर्तन की नींव बन सकता है।”
कार्यक्रम में डॉ. विपिन सैनी, अभिनव भावनागर, डॉ. हरिहर सुधन, डॉ. मनीष चावा, डॉ. सुमित चौहान, संदीप दरबारी, मृणालिनी सिंह, सोफिया अंसारी, विशाल बलियान, शेली शर्मा, स्वाति शर्मा, शालिनी शर्मा और सुमिता मनहास सहित कई शिक्षकों, अधिकारियों और विद्यार्थियों की उपस्थिति रही।


