रुड़की।सोनी रोड़ । COER University में आज द्वितीय दीक्षांत समारोह बड़े हर्षोल्लास, गरिमा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। यह अवसर विश्वविद्यालय परिवार, विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण और भावनात्मक रहा।

समारोह में उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल Gurmit Singh मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अपने प्रेरणादायी संबोधन में उपाधि प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए कहा कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण और समाज सेवा की आधारशिला है। उन्होंने विश्वास जताया कि जागरूक और संकल्पित युवा शक्ति के बल पर भारत को विकसित राष्ट्र बनने से कोई नहीं रोक सकता।

राज्यपाल ने कहा कि देश तेजी से आत्मनिर्भर भारत की दिशा में आगे बढ़ रहा है और युवाओं की भूमिका इसमें अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने संकल्प और कर्मठता से राष्ट्र को मजबूत बनाने में योगदान दें।
अपने संबोधन में उन्होंने उल्लेख किया कि एक ओर रुड़की में दीक्षांत समारोह आयोजित हो रहा है, तो दूसरी ओर नई दिल्ली स्थित Bharat Mandapam में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का अंतर्राष्ट्रीय महाकुंभ आयोजित हो रहा है, जो भारत की बढ़ती तकनीकी क्षमता और वैश्विक नेतृत्व का प्रतीक है।

समारोह के दौरान विभिन्न संकायों के मेधावी विद्यार्थियों को उनकी उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए उपाधियाँ प्रदान की गईं। विशिष्ट अतिथि के रूप में एन.के. गोयल की गरिमामयी उपस्थिति रही।
राज्यपाल ने विश्वविद्यालय परिसर में स्टार्टअप संस्कृति को प्रोत्साहित करने की पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह प्रयास युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रेरित करता है। उन्होंने विशेष प्रसन्नता व्यक्त की कि विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को 44 लाख रुपये तक के उच्च पैकेज पर नियुक्तियाँ प्राप्त हुई हैं, जो संस्थान की गुणवत्ता, अनुशासन और उद्योगोन्मुख शिक्षा प्रणाली का प्रमाण है।
कार्यक्रम में चेयरमैन जे.सी. जैन एवं श्रेयांश जैन भी उपस्थित रहे। उन्होंने सभी उपाधि प्राप्त विद्यार्थियों को शुभकामनाएँ देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। समारोह का प्रभावशाली संचालन अजय शर्मा द्वारा किया गया।
इस भव्य आयोजन में विश्वविद्यालय परिवार, अभिभावकगण, गणमान्य अतिथि एवं आमंत्रितजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। पूरे परिसर में उल्लास, गर्व और उपलब्धि का वातावरण देखने को मिला। विश्वविद्यालय ने एक बार फिर उत्कृष्ट शिक्षा, नवाचार और राष्ट्र निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को सशक्त रूप से प्रदर्शित किया।


