रुड़की। सोनी रोड़।भारतीय किसान यूनियन रोड गुट की मासिक पंचायत शनिवार को रुड़की के प्रशासनिक भवन में राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी पदम सिंह रोड के नेतृत्व में आयोजित हुई। पंचायत में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया। किसानों ने सरकार और शासन-प्रशासन पर उनकी समस्याओं की लगातार अनदेखी और उपेक्षा का आरोप लगाते हुए नाराजगी जताई।

पंचायत में यूनियन पदाधिकारियों ने किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर सरकार पर जमकर भड़ास निकाली। वक्ताओं ने कहा कि शासन-प्रशासन केवल आंदोलन की भाषा समझता है। किसानों का लगातार उत्पीड़न और शोषण किया जा रहा है, लेकिन उनकी समस्याओं के समाधान के लिए गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी पदम सिंह रोड ने कहा कि किसानों की समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री से दो बार वार्ता हो चुकी है और जल्द ही तीसरी बार वार्ता प्रस्तावित है, लेकिन इसके बावजूद किसानों की कई प्रमुख समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। उन्होंने कहा कि हाल में बारिश से फसलों को हुए नुकसान का अभी तक सर्वे तक नहीं कराया गया है, जिससे किसानों में रोष है।
चकबंदी विभाग की कार्यशैली पर सवाल
पंचायत में चकबंदी विभाग की कार्यशैली को लेकर भी किसानों ने नाराजगी जताई। चौधरी पदम सिंह रोड ने कहा कि किसान लंबे समय से चकबंदी विभाग के अधिकारियों की कार्यशैली से परेशान हैं। किसानों की शिकायतों पर समय से ध्यान नहीं दिया जा रहा है और समस्याओं का समाधान भी नहीं हो रहा है। उन्होंने विभाग की कार्यशैली की जांच कराकर दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
इसके अलावा ऊर्जा विभाग और ऊर्जा निगम की कार्यप्रणाली, खेतों तक पहुंचने वाले वाहनों के चालान, ग्रामीण क्षेत्रों में स्मार्ट मीटर लगाए जाने समेत कई मुद्दे पंचायत में प्रमुखता से उठाए गए।
किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी समस्याओं का समय रहते समाधान नहीं किया गया तो यूनियन आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होगी।
पंचायत के बाद किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र सेठ को ज्ञापन सौंपा गया। इसमें किसानों की समस्याओं के समाधान और संबंधित विभागों की कार्यशैली में सुधार की मांग की गई।
इस दौरान गजेंद्र चौधरी, अनुज त्यागी, विकास शर्मा, संजय मुद्रण, शहजाद अली, सुरेंद्र प्रधान कंबोज, निर्मल सिंह, आलम, इरशाद प्रधान, बरेली त्यागी, सीताराम, अनस त्यागी, कुलदीप त्यागी, कृष्ण पाल समेत बड़ी संख्या में किसान और यूनियन पदाधिकारी मौजूद रहे।


