रुड़की से सोनी रोड़ की रिपोर्ट | गॉडविन लाइव
रुड़की में उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस के सेवादल के नेतृत्व में शिक्षा माफिया और निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ जोरदार विरोध दर्ज कराया गया। कार्यकर्ताओं ने उत्तराखंड के महामहिम राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन खंड शिक्षा अधिकारी रुड़की को सौंपा। ज्ञापन में निजी स्कूलों की फीस लूट, किताबों और यूनिफॉर्म की अनियमितता और अभिभावकों के शोषण पर गंभीर चिंता जताई गई।

राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर आशीष सैनी ने कहा कि,
“निजी स्कूल अब शिक्षा के मंदिर नहीं, लूट के अड्डे बन चुके हैं। सरकार मूक दर्शक बनी है, और शिक्षा माफिया बेलगाम हैं।”
प्रदेश सचिव सुधीर शांडिल्य ने मांग की कि,
“कक्षा 10 तक अधिकतम ₹1000 और 12वीं तक अधिकतम ₹1200 फीस तय होनी चाहिए। जो बढ़ी हुई फीस है, उसे तत्काल वापस लिया जाए।”

यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष सचिन चौधरी ने कहा,
“निजी स्कूलों में यूनिफॉर्म, नोटबुक्स और पब्लिशर की किताबों के नाम पर बच्चों को लूटा जा रहा है। यह पूरी तरह शोषण है।”
रुड़की सेवादल अध्यक्ष डॉ. रणवीर नगर ने चेतावनी दी कि,
“जिन स्कूलों में नियमों का पालन नहीं हो रहा, उनकी मान्यता रद्द करने के लिए कांग्रेस सेवा दल आंदोलन चलाएगा।”
इस विरोध प्रदर्शन में पूर्व सांसद राजेंद्र बॉडी, वरिष्ठ नेता मदन लाल एडवोकेट, पार्षद चारु चंद्र, पूर्व पार्षद गुड्डू चौधरी, हाजी नौशाद अली, भूषण त्यागी, बिट्टू शर्मा, श्रवण गोस्वामी, दीपक वर्मा, सौरभ सैनी, मोहसिन गौड़ सहित कई प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे।
वक्ताओं ने कहा कि सरकार सिर्फ कागज़ी नियम बनाती है, जबकि निजी स्कूल खुलेआम उन नियमों की धज्जियाँ उड़ा रहे हैं। हर गली-मोहल्ले में खुले निजी स्कूल आम अभिभावकों का आर्थिक शोषण कर रहे हैं, और शिक्षा के स्तर में भी गिरावट ला रहे हैं।
जनता अब जागरूक हो चुकी है। यदि सरकार ने जल्द कार्रवाई नहीं की, तो कांग्रेस सड़क से सदन तक आंदोलन छेड़ेगी।


