राणा सांगा पर बयान से बढ़ा बवाल, सपा सांसद अड़े – माफी का सवाल नहीं, करणी सेना का उग्र प्रदर्शन
16वीं सदी के महान राजपूत योद्धा राणा सांगा को लेकर समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद रामजी लाल सुमन की विवादित टिप्पणी के बाद सियासत गरमा गई है। करणी सेना ने सांसद के खिलाफ उग्र प्रदर्शन किया, वहीं भाजपा सांसदों ने भी इस बयान की कड़ी आलोचना की है।
सपा सांसद रामजी लाल सुमन ने अपने बयान पर अड़े रहते हुए साफ कर दिया कि वह माफी नहीं मांगेंगे। उन्होंने राज्यसभा अध्यक्ष से अपनी सुरक्षा बढ़ाने की मांग भी कर डाली। वहीं, भाजपा सांसद महिमा कुमारी मेवाड़ ने पलटवार करते हुए कहा कि “राणा सांगा को किसी प्रमाण पत्र की जरूरत नहीं है, उनका शौर्य इतिहास में दर्ज है।”
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सफाई देते हुए कहा कि उनकी पार्टी किसी जाति को निशाना नहीं बनाना चाहती। हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस पूरे विवाद में सपा दलित राजनीति को साधने की कोशिश कर रही है।
वहीं, भाजपा सांसद रवि किशन ने इस बयान को समाज को बांटने वाला करार देते हुए कहा कि “सपा और कांग्रेस के नेता पहले भी ऐसे बयान देते रहे हैं, जिससे समाज में विद्रोह और संघर्ष बढ़ता है।”
राजपूत समाज में इस बयान को लेकर जबरदस्त नाराजगी है। बीते चुनावों में पश्चिमी उत्तर प्रदेश और सहारनपुर में समाजवादी पार्टी को राजपूत समाज का समर्थन मिला था, लेकिन अब पूर्वजों के अपमान पर सपा कटघरे में खड़ी नजर आ रही है।
अब सवाल यह उठता है कि क्या अखिलेश यादव अपने सांसद को इस बयान पर अनुशासित करेंगे, या फिर यह विवाद राजनीतिक फायदे के लिए और लंबा खींचा जाएगा?


