रुड़की। मां की डांट से नाराज होकर घर से लापता हुई तीन नाबालिग बच्चियों को हरिद्वार पुलिस ने मात्र 24 घंटे में सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस ने मथुरा रेलवे स्टेशन से तीनों को ढूंढ निकाला।
31 अक्टूबर को कोतवाली गंगनहर क्षेत्र निवासी एक महिला ने पुलिस को सूचना दी थी कि उनकी 12 और 14 वर्ष की दो बेटियां तथा उनकी एक सहेली सुबह स्कूल जाने के लिए घर से निकली थीं, लेकिन देर रात तक घर नहीं लौटीं। परिजनों की काफी तलाश के बावजूद उनका कोई पता नहीं चला।
सूचना मिलते ही गंगनहर कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर खोजबीन शुरू की। एसएसपी हरिद्वार परमेंद्र सिंह डोभाल ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीमों का गठन किया और बच्चियों को 24 घंटे के भीतर सकुशल बरामद करने के सख्त निर्देश जारी किए।
पुलिस टीमों ने स्कूल की शिक्षिकाओं और सहपाठियों से पूछताछ की, साथ ही इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और मैनुअल पुलिसिंग के माध्यम से लगातार खोजबीन जारी रखी। इस दौरान मिली तकनीकी जानकारी के आधार पर पुलिस ने तीनों बच्चियों को 1 नवंबर की दोपहर मथुरा रेलवे स्टेशन से सकुशल बरामद कर लिया।
पूछताछ में बच्चियों ने बताया कि वे मां की डांट और थप्पड़ से नाराज होकर घर से निकलीं। उनके अनुसार, मां-पिता के बीच झगड़े और सुबह देर तक सोने पर डांट मिलने से वे घर छोड़कर चली गईं। तीनों ने घर से ₹500 लेकर रिक्शा से रुड़की बस स्टैंड पहुंचीं, वहां से हरिद्वार, फिर दिल्ली और दिल्ली से ट्रेन द्वारा मथुरा पहुंचीं। पैसे खत्म होने पर वे स्टेशन पर ही बैठ गईं, जहां पुलिस ने उन्हें ढूंढ निकाला।
पुलिस ने तीनों बच्चियों को कानूनी प्रक्रिया पूरी कर परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
हरिद्वार पुलिस की त्वरित कार्रवाई और सजगता की लोगों ने सराहना की है।

