“रोड गर्ल्स स्पोर्ट्स महाकुंभ 2026 ” संभावित फ़रवरी माह में आयोजित होने जा रहा “रोड गर्ल्स स्पोर्ट्स महाकुंभ 2026” न केवल एक खेल प्रतियोगिता है, बल्कि यह समाज में बेटियों के आत्मविश्वास, अनुशासन और एकता का सशक्त संदेश देने जा रहा है। विशेष रूप से उन छात्राओं के लिए यह आयोजन प्रेरणा का स्रोत है जो भविष्य में फौज, पुलिस या अन्य भारतीय सेवाओं में जाकर देश की सेवा करना चाहती हैं।
विदि चौधरी, सेंटेंस स्कूल रुड़की की एनसीसी छात्रा, ने इस प्रतियोगिता को लेकर अपने विचार साझा करते हुए कहा —
“यह आयोजन उन सभी बालिकाओं के लिए बेहद खास है जो अपने अंदर देश सेवा का सपना रखती हैं। एनसीसी की ट्रेनिंग के दौरान हम अनुशासन, परिश्रम और संयम सीखते हैं, और यह रेस प्रतियोगिता हमें मानसिक व शारीरिक रूप से और मजबूत बनाएगी।”
विदि बताती हैं कि उन्हें यह प्रेरणा अपने परिवार से मिली है। मेरे पापा सामाजिक सेवा से जुड़े रहते हैं और रुड़की व रोड़ समाज के लोगों के साथ हमेशा अग्रणी रहते हैं। हमारे घर का माहौल भी सेवा और सहयोग का उदाहरण है —
“हमारे पापा पूरा दिन लोगों के काम में लगे रहते हैं। रुड़की का हर नागरिक उन्हें अपना मानता है। जब हम कहीं जाते हैं और लोग कहते हैं ‘यह उनके बच्चे हैं’, तो हमें बहुत गर्व होता है। यह प्यार, यह अपनापन हमारे लिए आशीर्वाद है।”
विदि आगे कहती हैं कि यह आयोजन न केवल खेल भावना को बढ़ाएगा, बल्कि समाज की एकता को भी मजबूत करेगा।
“रोd समाज की लड़कियां बहुत मेहनती, बहादुर और संस्कारी हैं। हम स्कूल में एनसीसी की परेड में भी घंटों खड़े रहते हैं, लेकिन थकान से पहले हमें अपने डीएनए पर गर्व होता है। हम चाहते हैं कि इस प्रतियोगिता में हर लड़की हिस्सा ले ताकि समाज को दिखा सकें कि बेटियाँ भी अब हर क्षेत्र में आगे हैं।”
उन्होंने अपने सभी सहपाठियों और समाज की युवतियों से आग्रह किया कि वे इस प्रतियोगिता में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें, क्योंकि यह आयोजन सिर्फ़ एक खेल नहीं बल्कि सामाजिक एकता और महिला सशक्तिकरण का उत्सव है।
विदि चौधरी ने अंत में कहा —
“मैं अपने बाबा जी पापा, मम्मी और समाज के सभी वरिष्ठ जनों का धन्यवाद करती हूँ जिन्होंने हमें ऐसा माहौल दिया, जिसमें सेवा, संस्कार और सामाजिकता जीवन का हिस्सा हैं। इस रेस प्रतियोगिता के माध्यम से हम न केवल शरीर से, बल्कि विचारों से भी मजबूत बनेंगे।”


