रोजाना 1% बेहतर करने के लिए आज के पॉजिटिव ट्रेंड में समर्पण जनकल्याण संगठन की एक ‘मेज से लेकर विशाल पंडाल’ तक गौरवपूर्ण कहानी आपके लिए प्रेरणा बन जाएगी
रुड़की की धरती से निकली समर्पण की मिसाल: जब सेवा बना संकल्प और “रोज़ाना 1% बेहतर” बना जीवन का मंत्र
रुड़की | सोनी रोड़ की प्रेरणादायक विशेष रिपोर्ट sonirorlive
जब शहर की गलियों में सिर्फ बात नहीं, भावनाएं और सेवा का जज़्बा बहने लगे… जब समाज सेवा में लगे लोग ताली नहीं, बल्कि दुआएं कमाने लगें… तब समझ लीजिए आप रुड़की में हैं — उस धरती पर जो एक समय से शिक्षा की नगरी, हरिद्वार का प्रवेश द्वार और दानवीरों की कर्मभूमि रही है।
आज हम आपको एक ऐसी संस्था की कहानी सुना रहे हैं जिसने “रोज़ाना 1% बेहतर” होने को सिर्फ एक विचार नहीं, बल्कि ज़मीन पर उतरी क्रांतिकारी सच्चाई बना दिया — नाम है:
“#समर्पण #जनकल्याण #संगठन ट्रस्ट”
#शुरुआत एक सफाई अभियान से… साल था 1998। तारीख थी 26 जनवरी। कुछ #समाजसेवी और शहर से प्रेम करने वाले कुछ नाम – रजन आहूजा, गगन आहूजा, संजीव राय, प्रदीप, मुकेश धीमान, नरेश यादव, संदीप गोयल, अरुण कोहली, प्रदीप गोयल डॉक्टर कौशिक ने शहर में स्वच्छता की अलख जगाई।
#सिविल अस्पताल से शुरू हुआ अभियान, जिसने धीरे-धीरे शहर को नई दिशा दी।
जब समर्पण जन कल्याण संगठन की टीम ने #रक्तदान को बना लिया एक मिशन
उस समय रुड़की में रक्तदान शिविर का नामोनिशान नहीं था। रुड़की में ब्लड बैंक तक नहीं था सिर्फ कौशिक पैथोलॉजी में ब्लड स्टोर होता था तभी संगठन ने रुड़की में पहला ब्लड डोनेशन कैंप लगाकर उन्होंने एक मिसाल कायम की।
आज रुड़की में हर महीने #दर्जनों ब्लड कैंप लगते हैं यह उसी बीज का वटवृक्ष है।
कांवड़ सेवा: एक मेज से लेकर विशाल पंडाल तक
कभी मलकपुर चुंगी पर एक तख्त, एक मेज और एक सिलिंग से शुरू हुई कांवड़ सेवा आज 30 लाख रुपए तक का सेवा शिविर बन गई है। जिसमें शहर के तमाम लोग — व्यापारी, राजनेता, आम नागरिक — बिना नाम की चाहत के अपना योगदान देते हैं।
आज यह शिविर जल सेवा, दवा सेवा, भोजन, ठहराव और सच्चे सम्मान का प्रतीक बन चुका है।
समाज सेवा की अन्य गौरवपूर्ण कहानी भी संगठन ने लिखी उनमें से एक जब एक बच्ची को लौटी आंखों की रोशनी
किसी अखबार में नहीं, किसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में नहीं —
चुपचाप शंकर नेत्रालय में एक नेत्रहीन बच्ची का ऑपरेशन कराना, उसकी जिंदगी को रोशनी देना यही है असली समाज सेवा।
वृक्षारोपण से लेकर आपदा राहत तक उत्तरकाशी भूकंप में 5 ट्रक राहत सामग्री, गुजरात की बस दुर्घटना में तत्काल राहत पहुंचाई, बंगाल की बस दुर्घटना में मृतकों को ताबूत और परिवारों को सहयोग
रुड़की शहर में लगाए गए हजारों पेड़ जो अब छांव दे रहे हैं विकलांगों को ट्राईसाइकिल और जीवनोपयोगी उपकरण
संस्था नहीं, यह है शहर की आत्मा
“समर्पण जनकल्याण ट्रस्ट” सिर्फ एक संगठन नहीं, यह एक आंदोलन है सेवा का, विश्वास का और बदलाव का।
आज इसके अध्यक्ष #नरेश यादव हैं और हर राजनीतिक दल, हर विचारधारा के लोग इस संस्था से जुड़े हैं।
यह संस्था न किसी पार्टी की है, न किसी चेहरे की — यह हर उस दिल की है जो समाज के लिए धड़कता है।
सफलता का सूत्र: रोज़ 1% बेहतर
इस संस्था ने कभी बड़ा दावा नहीं किया, कभी मंच नहीं मांगा।
इन्होंने सिर्फ एक काम किया — हर दिन थोड़ा सा बेहतर बनना।
₹50 से महीने के सदस्य शुल्क से शुरू हुआ योगदान आज लाखों में पहुंच गया, लेकिन मूल भावना वही है — सेवा, ईमानदारी और समर्पण।
प्रेरणा आपके लिए अगर आप भी समाज के लिए कुछ करना चाहते हैं तो बड़ी शुरुआत का इंतजार मत कीजिए।
एक तख्त, एक टेबल, एक विचार यही काफ़ी है।
“रोज़ 1% बेहतर” का मतलब है — आज जो कर सकते हैं, वो आज ही करिए।
समर्पण की यही कहानी एक शहर को दिशा देती है, पीढ़ियों को प्रेरणा देती है और बताती है — जब सेवा संगठित होती है, तो इतिहास बनता है।


