रुड़की | विशेष रिपोर्ट | Sonirorlive
रुड़की की सरज़मीं पर एक ऐसा नाम जिसने सीमित संसाधनों से शुरू होकर मेहनत, लगन और सामाजिक समर्पण की मिसाल कायम की — धीर सिंह रोड़। एक गरीब किसान परिवार से निकलकर हजारों लोगों को रोजगार देने वाला यह व्यक्तित्व आज “रोज़ 1% बेहतर बनो” जैसे विचार का जीता-जागता प्रतीक बन चुका है।
संघर्ष से सफलता तक की यात्रा
गांव के साधारण माहौल में छह भाई-बहनों के बीच पले-बढ़े धीर सिंह का जीवन आरंभ से ही संघर्षपूर्ण रहा। पढ़ाई के प्रति गहरी लगन ने उन्हें लोहार अलाउद्दीन के साथ काम करने को प्रेरित किया, जिससे उन्होंने अपनी किताबें खरीदीं। कक्षा 8 तक पहुंचते-पहुंचते वे खेत जोतने, ट्यूबवेल पार्ट्स लाने और मजदूरी जैसे कार्यों से गुज़रे। दिन में काम और रात में पढ़ाई – यह उनके जीवन का प्रारंभिक कर्मयोग था।
सही संगत ने दिखाई राह
जीवन में जब लक्ष्य स्पष्ट न हो, तब अच्छे मार्गदर्शक रास्ता दिखाते हैं। यही हुआ जब उनके पिताजी के संपर्क में इंजीनियर राजेश गर्ग आए। उन्होंने धीर सिंह को संरक्षण में लेकर आईटीआई सहारनपुर में दाखिला दिलवाया। इसके बाद कैलाश जिंदल और अन्य शुभचिंतकों ने उन्हें ऑटोमोबाइल सेक्टर में करियर की दिशा में प्रेरित किया।
मेहनत का फल – सम्मान और नेतृत्व
गांव से रोटी की थैली लेकर साइकिल पर मजदूरी के लिए रुड़की आने वाले धीर सिंह ने मारुति और महिंद्रा जैसी कंपनियों में काम करते हुए चार बार पुरस्कार हासिल किए। 1995 में उन्होंने A to Z कंपनी की स्थापना की। उनके गुरु ई. राजेश गर्ग की स्मृति में उनके नाम को जीवित रखते हुए DUM DUM प्रतिष्ठान को नई ऊँचाइयाँ दीं।
व्यापार से समाज सेवा तक
2016 में वे ऑल इंडिया कार डीलर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष बने। उन्होंने बेलड़ा गांव में महिंद्रा कमर्शियल हेवी व्हीकल का बड़ा केंद्र खोलकर यह दिखाया कि असली भारत गांवों में बसता है। रुड़की व्यापार मंडल के अध्यक्ष रहते हुए उन्होंने व्यापारियों की समस्याओं को प्राथमिकता दी और राजनीतिक संबंधों को जनसेवा का माध्यम बनाया।
राजनीतिक और पारिवारिक संतुलन
1990 में भाजपा से जुड़कर उन्होंने राजनीति को सेवा का माध्यम माना। 2012 में चुनाव हारने के बावजूद पीछे नहीं हटे और 2013 से भाजपा रुड़की की एक मजबूत धड़कन बन गए। उनके प्रतिष्ठान पर बड़े नेता और अधिकारी अक्सर आते हैं, जिससे उनका प्रभाव और सम्मान दोनों स्पष्ट होता है।
आज उनका परिवार भी उनके आदर्शों पर चल रहा है — बेटे व्यापार में सशक्त, बहुएं पढ़ी-लिखी, रिश्तेदारों से मधुर संबंध और समाज में आदर्श छवि।
प्रेरणा का स्रोत: धीर सिंह रोड़
धीर सिंह रोड़ की कहानी बताती है कि सपनों को साकार करने के लिए किसी बड़ी शुरुआत की नहीं, बल्कि छोटे-छोटे बेहतर प्रयासों की जरूरत होती है। उनका जीवन हर उस युवा के लिए उदाहरण है जो सीमित साधनों में भी असीमित सोच रखता है।


