रुड़की।सोनी रोड़। किसानों के धैर्य की सीमा अब समाप्त होती दिख रही है। भारतीय किसान यूनियन (रोड गुट) अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष पदम सिंह रोड के नेतृत्व में आगामी 14 अक्टूबर को रुड़की में विशाल महापंचायत आयोजित करने जा रही है। इस महापंचायत में किसानों की आर्थिक, सामाजिक और प्रशासनिक समस्याओं को लेकर निर्णायक आंदोलन की रूपरेखा तय की जाएगी।
राष्ट्रीय अध्यक्ष पदम सिंह रोड ने सरकार और प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि “सरकार किसानों के धैर्य की परीक्षा न ले। किसान भी परिवार और बच्चों के साथ जीने वाला वर्ग है। क्या सरकार नहीं चाहती कि किसानों के बच्चे भी पढ़ें और खुशहाल जीवन जिएं?”
उन्होंने कहा कि आज सरकार उद्योगपतियों के इशारे पर काम कर रही है और अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से मुंह मोड़ चुके हैं। भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई न होना और इकबालपुर चीनी मिल द्वारा किसानों को बाउंस चेक थमाना किसानों के सम्मान पर सीधा आघात है।
पदम सिंह रोड़ ने कहा कि अब किसान चुप नहीं बैठेगा — “अगर प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की तो किसान खेत छोड़कर सड़क पर उतर आएगा और मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने से भी पीछे नहीं हटेगा।”
किसान नेताओं का कहना है कि यह आंदोलन केवल भुगतान या मुआवज़े की लड़ाई नहीं, बल्कि किसान की अस्मिता और अस्तित्व की रक्षा का आंदोलन है।


