जसपिन्द्र चौधरी, शारीरिक शिक्षा शिक्षक (UPS दिवालहेड़ी), राष्ट्रीय बॉक्सिंग खिलाड़ी, अंतरराष्ट्रीय योग प्रतियोगी, विश्वविद्यालय खो-खो खिलाड़ी
त्योहारों के साथ-साथ जब समाज में विकास और जागरूकता की बातें होती हैं, तब खेल एक ऐसा माध्यम बनकर सामने आता है जो जीवन में अनुशासन, आत्मविश्वास और सफलता की राह दिखाता है।
इसी दिशा में रोड समाज की बेटियों के लिए “रोड़ गर्ल्स स्पोर्ट्स महाकुंभ 2026” एक प्रेरणादायक और ऐतिहासिक पहल है जो न केवल खेल भावना को बढ़ावा देगा बल्कि समाज की बेटियों को आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनाएगा।
मैं गांव दिवालहेड़ी से हूं। बचपन से ही मेरे परिवार ने मुझे हर मोड़ पर सपोर्ट किया, और आज उसी का परिणाम है कि मैंने खेल को अपना प्रोफेशन बना लिया। मैं वर्तमान में अपने ही गांव के विद्यालय में एक शारीरिक शिक्षा शिक्षक (PTI) के रूप में कार्यरत हूं।
खेल ने मुझे न केवल पहचान दी, बल्कि आत्मविश्वास और जीवन की दिशा भी दी। आज मैं गर्व से कह सकती हूं कि मेरी फिटनेस, मेरा करियर और मेरा आत्मविश्वास सब खेल से ही मिला है।
मेरा छोटा बच्चा भी आज नेशनल लेवल तक खेल चुका है, और यह मेरे लिए सबसे बड़ी उपलब्धि है। मैं चाहती हूं कि मेरे समाज की हर बेटी, हर बहन इस मंच से आगे बढ़े क्योंकि खेल अब सिर्फ खेल नहीं, एक करियर, एक प्रोफेशन बन चुका है।
“खेल सिर्फ ताकत नहीं सिखाता, यह जीवन जीने की कला सिखाता है।”
रोड़ समाज की लड़कियों को अगर सही प्लेटफॉर्म, प्रोत्साहन और अवसर मिले — तो वे निश्चित ही आकाश में तारों की तरह चमकेंगी।
हमारा समाज शिक्षित है, ईमानदार है और मेहनती भी।
जरूरत है तो सिर्फ एक विश्वास और एक शुरुआत की और यह शुरुआत “रोड़ गर्ल्स स्पोर्ट्स महाकुंभ 2026” से हो चुकी है।
मैं समाज की हर छोटी-बड़ी बहन से कहना चाहूंगी —
यह प्रतियोगिता सिर्फ रेस या खेल नहीं है,
यह आपके आत्मविश्वास, जज्बे और संकल्प की परीक्षा है।
यह आपको उस मुकाम तक ले जा सकती है,
जहां आप अपने कॉलेज, विश्वविद्यालय, राज्य और देश का नाम रोशन करेंगी।
मैं दिवालहेड़ी गांव से हूं और मेरी शादी दथेंड़ा गांव में हुई है।
मैं पूरे दिल से इस प्रतियोगिता के आयोजकों को धन्यवाद देती हूं और समाज की बेटियों से अपील करती हूं कि इस आयोजन को सफल बनाएं। मैं स्वयं और मेरे साथी, मेरा बच्चा — सभी इस आयोजन में भाग लेने और प्रचार-प्रसार में पूर्ण सहयोग के लिए तैयार हैं।
हम समाज को मेडल देंगे, हम समाज का नाम रोशन करेंगे।
यह सिर्फ एक वादा नहीं, बल्कि एक संकल्प है —
कि हम सब मिलकर अपने समाज की बेटियों के सपनों को पंख देंगे,
और आने वाले वर्षों में, खेल के हर मंच पर रोड समाज की गूंज सुनाई देगी।
जसपिन्द्र चौधरी
(शारीरिक शिक्षा शिक्षक, UPS दिवालहेड़ी)
राष्ट्रीय बॉक्सिंग खिलाड़ी | अंतरराष्ट्रीय योग प्रतियोगी | विश्वविद्यालय खो-खो खिलाड़ी


