रुड़की। आईआईटी रुड़की में वर्ष 2000 (2001 बी.आर्क.) बैच का सिल्वर जुबली रीयूनियन भव्य रूप से आयोजित किया गया। तीन दिवसीय इस कार्यक्रम में देश-विदेश से आए 250 से अधिक पूर्व छात्र और उनके परिवारजन शामिल हुए। इस दौरान पूर्व छात्रों ने अपने संस्थान के साथ बिताए पलों को याद किया और भावी पीढ़ियों के लिए कुछ लौटाने का संकल्प लिया।

इस अवसर पर बैच के पूर्व छात्रों ने संस्थान के बुनियादी ढांचे के विकास, सांस्कृतिक गतिविधियों और अन्य शैक्षणिक परियोजनाओं के लिए लगभग 3 करोड़ रुपये का योगदान देकर नया कीर्तिमान स्थापित किया। यह सहयोग आईआईटी रुड़की की ऐतिहासिक विरासत को और सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. के.के. पंत ने कहा कि पूर्व छात्रों और संस्थान का रिश्ता हमेशा से मजबूती का आधार रहा है। उन्होंने 2000 बैच के योगदान को प्रेरणादायक बताते हुए सभी पूर्व छात्रों का आभार व्यक्त किया।
वहीं, संसाधन एवं पूर्व छात्र मामलों के कुलशासक प्रो. आर.डी. गर्ग ने कहा कि पूर्व छात्रों की उदारता से न केवल वर्तमान छात्रों को बेहतर अवसर मिलेंगे, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी नवाचार और उत्कृष्टता की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।
बैच समन्वयकों अशुतोष सुवर्णा और सचिन बंसल ने कहा कि आईआईटी रुड़की उनकी पहचान का अभिन्न हिस्सा है और संस्थान के विकास में योगदान देकर उन्हें गर्व की अनुभूति हो रही है।
रीयूनियन कार्यक्रम के दौरान पूर्व छात्रों ने कैंपस भ्रमण किया, सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लिया और अपने छात्र जीवन की पुरानी यादों को ताजा किया। यह आयोजन न केवल मित्रता और जुड़ाव का प्रतीक बना, बल्कि आईआईटी रुड़की के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में पूर्व छात्रों की भूमिका को भी रेखांकित करता नजर आया।


