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अवैध मदरसों पर कार्रवाई: हरीश रावत का विरोध राजनीतिक रणनीति या मुस्लिम हमदर्दी?

Soni Ror
Last updated: March 25, 2025 7:01 am
Soni Ror
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2 Min Read
Justice Shri T.S. Doabia presenting the report of the Committee set up to study and suggest changes required in the existing River Board Act, 1956 for Optimal Development of a River Basin to the Union Minister for Water Resources, Shri Harish Rawat, in New Delhi on November 06, 2012.
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अवैध मदरसों पर कार्रवाई: हरीश रावत का विरोध राजनीतिक रणनीति या मुस्लिम हमदर्दी?

देहरादून: उत्तराखंड सरकार राज्य में अवैध रूप से संचालित मदरसों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है। प्रशासन ने अब तक कई मदरसों को सील कर दिया है और कई अन्य को नोटिस जारी किए गए हैं। सरकार का कहना है कि यह कदम अवैध संस्थानों को बंद करने और शिक्षा प्रणाली में सुधार लाने के लिए उठाया गया है।

इस बीच, उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने इस कार्रवाई का खुलकर विरोध किया है। उन्होंने इसे एक विशेष समुदाय के खिलाफ उठाया गया कदम बताया और सरकार पर भेदभाव करने का आरोप लगाया।

अब सवाल यह उठता है कि क्या हरीश रावत का यह विरोध भारतीय जनता पार्टी को उकसाने की रणनीति है, या फिर वे वास्तव में मुस्लिम समुदाय के हमदर्द बनकर उनके वोट बैंक को मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं? उनके इस रुख पर सियासी हलकों में चर्चा तेज हो गई है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मुद्दा आगामी चुनावों में बड़ा राजनीतिक रंग ले सकता है। भाजपा इसे अपनी सख्त नीति का उदाहरण बताकर हिंदू वोटरों को मजबूत करने की कोशिश कर सकती है, जबकि कांग्रेस मुस्लिम समुदाय के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति अपना सकती है।

अब देखना यह होगा कि उत्तराखंड सरकार अपनी कार्रवाई को किस दिशा में आगे बढ़ाती है और हरीश रावत अपने रुख को लेकर कितना प्रभाव डाल पाते हैं।

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1 Comment 1 Comment
  • RAVI KHAVSE says:
    May 6, 2025 at 9:02 am

    मुलताई में कुछ बैंक, कुछ शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बिना पार्किंग के संचालित हो रहे हैं, तथा कुछ लोगों ने पार्किंग के लिए जगह बहुत कम दी है। जो वाहन पार्किंग के लिए पर्याप्त नहीं है। इससे ग्राहको को वाहन खड़े करने में बहुत परेशानी होती है। आखिर बिना पार्किंग के बैंक कैसे संचालित हो रहे हैं। ये तो नियमों का उल्लघंन हो रहा है। सड़क किनारे वाहन खड़े करने से यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है। कई बार दुर्घटना तक हो जाती है। सरकारी जमीन पर वाहन खड़े हो रहे हैं ।जबकि जिस भवन मे बैंक संचालित होती है उसकी स्वयं की पार्किंग होना जरूरी है। मुलताई में संचालित सभी बैंकों की पार्किंग व्यवस्था की जांच होना चाहिए।
    कुछ बेसमेंट बिना अनुमति के बने हैं। कुछ व्यावसायिक भवनों के नक्शे बिना पार्किंग दिए पास हुए हैं। कुछ लोगों ने सरकारी जमीन पर पक्का अतिक्रमण कर लिया है। जांच होना चाहिए।
    रवि खवसे, मुलताई (मध्यप्रदेश)

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