उत्तराखंड में दंगारोधी कानून लागू: सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों से ही होगी भरपाई
देहरादून, 21 मार्च: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने दंगारोधी कानून को लागू कर दिया है। इस कानून के तहत, यदि कोई व्यक्ति दंगे के दौरान सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाता है, तो इसकी भरपाई उसी से करवाई जाएगी। यह कदम राज्य में शांति बनाए रखने और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए उठाया गया है।कानून का उद्देश्य
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड को देवभूमि कहा जाता है, और यहां की शांति एवं सौहार्द्र को बिगाड़ने की किसी को इजाजत नहीं दी जाएगी। “जो लोग कानून हाथ में लेंगे और दंगे-फसाद करेंगे, उन्हें कड़ी सजा मिलेगी। अब सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले ही इसकी भरपाई करेंगे, ताकि जनता के पैसे का दुरुपयोग न हो।”कैसे लागू होगा कानून?
- दंगाइयों की पहचान: सीसीटीवी फुटेज, वीडियो रिकॉर्डिंग और चश्मदीद गवाहों के आधार पर उपद्रवियों की पहचान की जाएगी।
- संपत्ति की क्षति का आकलन: सरकारी या निजी संपत्ति को हुए नुकसान का अनुमान लगाया जाएगा।
- जुर्माने की वसूली: दोषियों से सीधे नुकसान की भरपाई करवाई जाएगी, और न करने पर उनकी संपत्तियों को जप्त किया जाएगा।
- कड़ी सजा: यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर दंगे भड़काने या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का दोषी पाया जाता है, तो उसे कड़ी सजा दी जाएगी।

