रुड़की।
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रुड़की में वर्ष 1975 बैच के स्वर्ण जयंती पुनर्मिलन का भव्य और भावनात्मक आयोजन किया गया। इस अवसर पर देश–विदेश से आए 250 से अधिक पूर्व छात्र अपने परिवारों सहित परिसर पहुंचे और अपने शैक्षणिक सफर, उपलब्धियों और संस्थान से जुड़े पचास वर्षों के रिश्तों को याद किया।
पुनर्मिलन के दौरान 1975 बैच के पूर्व छात्रों ने संस्थान के विकास में लगभग 45 लाख रुपये का सराहनीय योगदान देने की घोषणा की। इस सहयोग के अंतर्गत परिसर में आवागमन को सुविधाजनक और पर्यावरण–अनुकूल बनाने के लिए दो नए इलेक्ट्रिक वाहन उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही, आईआईटी रुड़की के परिसर चिकित्सालय के लिए एक अत्याधुनिक अल्ट्रासाउंड मशीन उपलब्ध कराने पर भी विचार किया जा रहा है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा।

इस अवसर पर आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. के. के. पंत ने कहा कि 1975 बैच का यह योगदान पूर्व छात्रों और संस्थान के बीच गहरे और स्थायी संबंधों को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह सहयोग न केवल सुविधाओं को सुदृढ़ करेगा, बल्कि परिसर के समग्र वातावरण को भी समृद्ध बनाएगा।

वहीं, संसाधन एवं पूर्व छात्र कार्य अधिष्ठाता प्रो. आर. डी. गर्ग ने 1975 बैच के योगदान को पूर्व छात्र सहभागिता का प्रेरक उदाहरण बताया और कहा कि इस तरह की पहलें संस्थान की विकास योजनाओं को मजबूती देने के साथ–साथ समुदाय के भीतर अपनत्व की भावना को और गहरा करती हैं।
स्वर्ण जयंती पुनर्मिलन पूर्व छात्रों के लिए एक आत्मीय क्षण रहा, जहाँ उन्होंने पुराने मित्रों से मुलाकात की, कक्षाओं और हॉस्टलों की यादों को ताज़ा किया तथा बीते पांच दशकों की उपलब्धियों का उत्सव मनाया।
अपने इस सार्थक योगदान के माध्यम से 1975 बैच ने यह संदेश भी दिया कि आईआईटी रुड़की ने उनके जीवन को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और वे संस्थान की विरासत को आगे बढ़ाने के लिए सदैव तत्पर रहेंगे।

यह आयोजन न केवल स्मृतियों का उत्सव बना, बल्कि इस बात का भी सशक्त उदाहरण प्रस्तुत करता है कि संस्थान के भविष्य निर्माण में पूर्व छात्रों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।


